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Hamirpur (Himachal) News: खग्गल स्कूल में संस्कृत शास्त्री का पद रिक्त, कम हो रही विद्यार्थियों की संख्या
Fri, 12 Sep 2025 01:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 12 Sep 2025 01:27 AM IST
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डॉ पुष्पेंद्र वर्मा को ज्ञापन सौंपते खग्गल के ग्रामीण एवं अभिभावक। जागरूक पाठक।
हमीरपुर। खग्गल गांव के ग्रामीणों एवं राजकीय उच्च पाठशाला खग्गल एसएमसी कमेटी के सदस्यों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा से मुलाकात की और विद्यालय की समस्याओं को उनके संज्ञान में लाया।
एसएमसी प्रधान माया देवी ने कहा कि पिछले 7 महीनों से स्कूल में संस्कृत शास्त्री का पद रिक्त है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी वजह से कुछ विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़कर अन्य विद्यालयों में जाना उचित समझा। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने डॉ. वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने आश्वस्त किया कि बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये की लागत से स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं। इन्हीं संसाधनों का उपयोग करते हुए मटाहनी और खग्गल स्कूल को जोड़ा जाएगा और तब तक बच्चों को नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से संस्कृत की पढ़ाई उपलब्ध करवाई जाएगी।
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खग्गल स्कूल में 15 बच्चे इस सत्र में थे। दो बच्चों को अभिभावकों ने अन्य स्कूल में दाखिला करवा दिया है, जबकि दो अन्य ने स्कूल से नाम वापस लेने की बात कही है। ऐसे में यहां पर अब 11 की बच्चे बचेंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर उपनिदेशक शिक्षा तथा मटाहनी के प्रधानाचार्य से भी चर्चा की। सभी ने वर्चुअल क्लासरूम आरंभ करने पर अपनी सहमति दी है।
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एसएमसी प्रधान माया देवी ने कहा कि पिछले 7 महीनों से स्कूल में संस्कृत शास्त्री का पद रिक्त है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी वजह से कुछ विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़कर अन्य विद्यालयों में जाना उचित समझा। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने डॉ. वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
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इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने आश्वस्त किया कि बच्चों की शिक्षा में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये की लागत से स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं। इन्हीं संसाधनों का उपयोग करते हुए मटाहनी और खग्गल स्कूल को जोड़ा जाएगा और तब तक बच्चों को नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए वर्चुअल क्लासरूम के माध्यम से संस्कृत की पढ़ाई उपलब्ध करवाई जाएगी।
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खग्गल स्कूल में 15 बच्चे इस सत्र में थे। दो बच्चों को अभिभावकों ने अन्य स्कूल में दाखिला करवा दिया है, जबकि दो अन्य ने स्कूल से नाम वापस लेने की बात कही है। ऐसे में यहां पर अब 11 की बच्चे बचेंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय पर उपनिदेशक शिक्षा तथा मटाहनी के प्रधानाचार्य से भी चर्चा की। सभी ने वर्चुअल क्लासरूम आरंभ करने पर अपनी सहमति दी है।