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शिलान्यास पट्टिका में नहीं लोगों के दिलों में होना चाहिए नाम : आशीष
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कहा, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की राजनीति झूठ के सहारे टिकी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने बीते दिन कहा था कि विधायकों के कहने पर सारे काम किए हैं। जवाब देते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अंतरात्मा जानती है कि क्या काम हमारे कहने पर किए हैं। मुख्यमंत्री की राजनीति ही झूठ पर टिकी है। शायद मुख्यमंत्री को उनकी बातें झूठी लगी हों लेकिन क्या हमीरपुर के अन्य दो और प्रदेश के छह विधायक भी झूठे थे। मुख्यमंत्री ने मिलने तक से मना कर दिया। बस अड्डे का काम 27 फरवरी के बाद शुरू करवाया, इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार लेकिन इसके लिए उन विधायकों का भी आभार व्यक्त करते हैं जिनके कदम उठाने के बाद मुख्यमंत्री ने इस कार्य पर ध्यान दिया। पहले यह सारे कार्य ठंडे बस्ते में पड़े हुए थे। शिलान्यास और उद्घाटन कार्यों पर लगी प्लेट पर उनका नाम लिखने के मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि वह लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उनके क्षेत्र में यदि किसी कार्य का शिलान्यास हुआ है तो एसोसिएट मेंबर होने के नाते विधायक का नाम प्लेट पर लगाना लाजिमी है। शिलान्यास पट्टिका में नाम होने से कोई बड़ा नहीं होता है। जनता के दिल में नाम होना चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने बीते दिन कहा था कि विधायकों के कहने पर सारे काम किए हैं। जवाब देते हुए आशीष शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अंतरात्मा जानती है कि क्या काम हमारे कहने पर किए हैं। मुख्यमंत्री की राजनीति ही झूठ पर टिकी है। शायद मुख्यमंत्री को उनकी बातें झूठी लगी हों लेकिन क्या हमीरपुर के अन्य दो और प्रदेश के छह विधायक भी झूठे थे। मुख्यमंत्री ने मिलने तक से मना कर दिया। बस अड्डे का काम 27 फरवरी के बाद शुरू करवाया, इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार लेकिन इसके लिए उन विधायकों का भी आभार व्यक्त करते हैं जिनके कदम उठाने के बाद मुख्यमंत्री ने इस कार्य पर ध्यान दिया। पहले यह सारे कार्य ठंडे बस्ते में पड़े हुए थे। शिलान्यास और उद्घाटन कार्यों पर लगी प्लेट पर उनका नाम लिखने के मुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि वह लोगों के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उनके क्षेत्र में यदि किसी कार्य का शिलान्यास हुआ है तो एसोसिएट मेंबर होने के नाते विधायक का नाम प्लेट पर लगाना लाजिमी है। शिलान्यास पट्टिका में नाम होने से कोई बड़ा नहीं होता है। जनता के दिल में नाम होना चाहिए।