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Hamirpur (Himachal) News: मोबाइल एप में तकनीकी दिक्कत ने प्रदेश में रोकी पशुगणना
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डाटा नहीं हो रहा ऑनलाइन अपलोड, सितंबर से विभाग ने प्रदेशभर में आरंभ करना था पशुगणना का कार्य
कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का रखा है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पशुगणना के लिए इस्तेमाल होने वाली एप में तकनीकी दिक्कत बरकरार है। इससे प्रदेश में पशुगणना के कार्य को रोक दिया गया है। मोबाइल एप में तकनीकी दिक्कत से पशु गणना का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है। पशुगणना में सेवाएं देने वाले कर्मी अब एप के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। पांच साल बाद होने वाली राष्ट्रीय पशुगणना का काम प्रदेश में सितंबर से शुरू करने की तैयारी थी।
पशुपालन विभाग ने भी इसकी तैयारियां कर ली थीं। विभाग की ओर से जिन कर्मियों की सेवाएं इस कार्य में लेनी थी, उन्हें प्रशिक्षण भी दे दिया था। पांच वर्ष पहले जब पशु गणना हुई थी, उसके लिए पोर्टल का प्रयोग किया गया था। इस बार पशुगणना के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाना है। पशुगणना में जुटे कर्मियों को आईडी और पासवर्ड भी दिया जा चुका है। टेस्टिंग के लिए एप के जिस वर्जन का प्रयोग किया गया था, उसका अपडेट वर्जन नहीं आया है। इस कारण डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है। पशुगणना में गाय, भैंस, ऊंट, गधे सहित अन्य पशुओं की गणना की जानी हैं। पशुगणना में जुटने वाले कर्मियों को एप में पशुओं की श्रेणी के अनुसार उनकी संख्या सहित अन्य जानकारियों की एंट्री करनी हैं। एप को जीपीएस सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इससे गणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। वहीं, पूरी गणना की विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जानी हैं। पशुगणना के कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का लक्ष्य रखा गया है। पशु गणना कार्य में वेटरनरी फार्मासिस्ट, वरिष्ठ वेटरनरी ऑफिसर, नॉडल ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले 2019 में 20वीं पशुगणना हुई थी। पशु पालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक परियोजना सतीश ने कहा कि जिस एप से पशु गणना की जानी है, उसमें तकनीकी दिक्कत जारी है। तकनीकी दिक्कत से पशुओं का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है।
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कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का रखा है लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पशुगणना के लिए इस्तेमाल होने वाली एप में तकनीकी दिक्कत बरकरार है। इससे प्रदेश में पशुगणना के कार्य को रोक दिया गया है। मोबाइल एप में तकनीकी दिक्कत से पशु गणना का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है। पशुगणना में सेवाएं देने वाले कर्मी अब एप के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। पांच साल बाद होने वाली राष्ट्रीय पशुगणना का काम प्रदेश में सितंबर से शुरू करने की तैयारी थी।
पशुपालन विभाग ने भी इसकी तैयारियां कर ली थीं। विभाग की ओर से जिन कर्मियों की सेवाएं इस कार्य में लेनी थी, उन्हें प्रशिक्षण भी दे दिया था। पांच वर्ष पहले जब पशु गणना हुई थी, उसके लिए पोर्टल का प्रयोग किया गया था। इस बार पशुगणना के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाना है। पशुगणना में जुटे कर्मियों को आईडी और पासवर्ड भी दिया जा चुका है। टेस्टिंग के लिए एप के जिस वर्जन का प्रयोग किया गया था, उसका अपडेट वर्जन नहीं आया है। इस कारण डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है। पशुगणना में गाय, भैंस, ऊंट, गधे सहित अन्य पशुओं की गणना की जानी हैं। पशुगणना में जुटने वाले कर्मियों को एप में पशुओं की श्रेणी के अनुसार उनकी संख्या सहित अन्य जानकारियों की एंट्री करनी हैं। एप को जीपीएस सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इससे गणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। वहीं, पूरी गणना की विभिन्न स्तर पर मॉनिटरिंग भी की जानी हैं। पशुगणना के कार्य को समाप्त करने के लिए 31 दिसंबर का लक्ष्य रखा गया है। पशु गणना कार्य में वेटरनरी फार्मासिस्ट, वरिष्ठ वेटरनरी ऑफिसर, नॉडल ऑफिसर सहित अन्य कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले 2019 में 20वीं पशुगणना हुई थी। पशु पालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक परियोजना सतीश ने कहा कि जिस एप से पशु गणना की जानी है, उसमें तकनीकी दिक्कत जारी है। तकनीकी दिक्कत से पशुओं का डाटा ऑनलाइन अपलोड नहीं हो पा रहा है।
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