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विभाग खुद करे टीजीटी अध्यापकों की वरिष्ठता का निर्धारण : संघ

Sun, 26 Jul 2020 10:57 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2020 10:57 PM IST
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हमीरपुर। प्रदेशभर के टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण और विभागीय कन्फर्मेशन के लिए स्वयं आवेदन करने की प्रक्रिया पर हिमाचल प्रदेश राजकीय स्नातक शिक्षक संघ ने सवाल उठाए हैं। इससे शिक्षक एक स्कूल से दूसरे स्कूल से अपना सेवा रिकार्ड लाने में ही उलझे रहते हैं। प्रदेश के लगभग 26 हजार के कैडर के शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा विभाग में जब चुने जाते हैं या नियमित होते हैं तो उनकी शिक्षा, ज्वाइनिंग का समय व स्थान, वर्ग और सेवा रिकॉर्ड आदि वैद्य कागजात सहित स्कूल रिकार्ड में,, ई-सर्विस बुक, उपशिक्षा कार्यालयों व निदेशालय को आवश्यक रूप से प्रेषित करना सुनिश्चित किया जाता है। जिसे एक क्लिक के माध्यम से कहीं से भी विभागाध्यक्ष देख सकते हैं। तमाम रिकार्ड विभाग में उपलब्ध होते हुए भी टीजीटी शिक्षकों को उनकी वरिष्ठता निर्धारण व कन्फर्मेशन के लिए अपना केस तीन वर्ष की सेवा के पश्चात स्वयं अप्लाई करने के लिए बाध्य किया जाता है।
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कई बार ये शिक्षक बार-बार अपना केस भेजते रहते हैं, परंतु निदेशालय से वर्षों तक इनकी वरिष्ठता ओर कन्फर्मेशन किन्हीं कारणवश निर्धारित नहीं हो पाती। इससे पदोन्नति आदि के अवसर खो जाने के डर से कई बार अधिकतर शिक्षक मानसिक रूप से विचलित भी रहते हैं व इस तरह उनके शिक्षण में भी एकाग्रता नहीं आ पाती। कई बार कर्मचारी के रिटायर होने तक भी ये वरिष्ठता ओर कन्फर्मेशन के मामले नहीं सुलझते। राजकीय कला स्नातक अध्यापक संघ के राज्य अध्यक्ष सुरेश कौशल व महासचिव ओम प्रकाश ने विभाग की इस व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाया है। कहा कि शिक्षक की ओर से समस्त रिकार्ड विभाग को सौंपने पर यह विभागीय दायित्व बन जाता है कि वह स्वयं विभाग में कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता व कन्फर्मेशन निर्धारण गैर शिक्षक वर्ग के माध्यम से करें। जिस तरह प्राथमिक विभाग में शिक्षकों की ओर से वरिष्ठता के लिए खुद अप्लाई करने की बजाए शिक्षा विभाग उनकी टेंटेटिव वरिष्ठता सूची बनाता है और उसे शिक्षकों के बीच एक माह में किसी भी त्रुटि की शुद्धि के लिए भेजता है, तत्पश्चात ये लिस्ट फाइनल होती है। ठीक यही व्यवस्था टीजीटी कैडर में भी लागू होनी चाहिए।
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