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Hamirpur (Himachal) News: फोरलेन के दोनों तरफ 100 मीटर तक लागू है टीसीपी एक्ट
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कोई भी निर्माण कार्य आरंभ करने से पहले टीसीपी कार्यालय में करें संपर्क
अधिसूचना जारी होने की तिथि तक भू-मालिकों के लिए है छूट का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर एवं ग्राम योजनाकार हरजिंद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन योजना क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया है। जिला हमीरपुर में शिमला-मटौर योजना क्षेत्र की सीमा उखली से आरंभ होकर नादौन तक है और इस फोरलेन राजमार्ग के दोनों ओर नियंत्रण चौड़ाई के किनारे से 100 मीटर तक का क्षेत्र फोरलेन योजना क्षेत्र के दायरे में आता है। यानी इसमें नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) अधिनियम-1977 लागू किया गया है। हरजिंद्र सिंह ने कहा कि गत वर्ष 28 जून को प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन क्षेत्रों के विद्यमान भू-उपयोग को भी फ्रीज किया जा चुका है।
टीसीपी अधिनियम-1977 की धारा 30-ए के अनुसार अधिसूचना के समय जिन लोगों की भूमि इस योजना क्षेत्र के अंतर्गत आती है, उनको विकासात्मक गतिविधियों में निर्धारित सीमाओं के अंतर्गत सरकार की ओर से छूट प्रदान की गई है। लेकिन, इस छूट का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो उक्त अधिनियम के लागू होने से पहले के भू-मालिक हैं। फोरलेन योजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों को इसमें कोई भी छूट नहीं मिलेगी। इस क्षेत्र में जो लोग टीसीपी अधिनियम-1977 की धारा 30-ए के तहत छूट के अनुसार विकासात्मक गतिविधि करना चाहते हैं, उन्हें हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम, 2014 (संशोधित 2024 तक) के परिशिष्ट-8 का पालन करना होगा। ऐसा न होने की स्थिति में निर्माणकर्ता के खिलाफ टीसीपी अधिनियम-1977 का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर एवं ग्राम योजनाकार ने फोरलेन योजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पहले हमीरपुर या नादौन स्थित टीसीपी विभाग के कार्यालयों में संपर्क करें तथा वहां मार्गदर्शन प्राप्त करें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
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अधिसूचना जारी होने की तिथि तक भू-मालिकों के लिए है छूट का प्रावधान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर एवं ग्राम योजनाकार हरजिंद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन योजना क्षेत्र के रूप में अधिसूचित किया है। जिला हमीरपुर में शिमला-मटौर योजना क्षेत्र की सीमा उखली से आरंभ होकर नादौन तक है और इस फोरलेन राजमार्ग के दोनों ओर नियंत्रण चौड़ाई के किनारे से 100 मीटर तक का क्षेत्र फोरलेन योजना क्षेत्र के दायरे में आता है। यानी इसमें नगर एवं ग्राम योजना (टीसीपी) अधिनियम-1977 लागू किया गया है। हरजिंद्र सिंह ने कहा कि गत वर्ष 28 जून को प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होने के साथ ही इन क्षेत्रों के विद्यमान भू-उपयोग को भी फ्रीज किया जा चुका है।
टीसीपी अधिनियम-1977 की धारा 30-ए के अनुसार अधिसूचना के समय जिन लोगों की भूमि इस योजना क्षेत्र के अंतर्गत आती है, उनको विकासात्मक गतिविधियों में निर्धारित सीमाओं के अंतर्गत सरकार की ओर से छूट प्रदान की गई है। लेकिन, इस छूट का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो उक्त अधिनियम के लागू होने से पहले के भू-मालिक हैं। फोरलेन योजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन खरीदने वाले लोगों को इसमें कोई भी छूट नहीं मिलेगी। इस क्षेत्र में जो लोग टीसीपी अधिनियम-1977 की धारा 30-ए के तहत छूट के अनुसार विकासात्मक गतिविधि करना चाहते हैं, उन्हें हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना नियम, 2014 (संशोधित 2024 तक) के परिशिष्ट-8 का पालन करना होगा। ऐसा न होने की स्थिति में निर्माणकर्ता के खिलाफ टीसीपी अधिनियम-1977 का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर एवं ग्राम योजनाकार ने फोरलेन योजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने से पहले हमीरपुर या नादौन स्थित टीसीपी विभाग के कार्यालयों में संपर्क करें तथा वहां मार्गदर्शन प्राप्त करें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
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