{"_id":"66d472b41cf0bb055109e11b","slug":"taxi-union-expressed-anger-over-carrying-passengers-in-private-vehicles-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-134865-2024-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: निजी गाड़ियों से सवारियां ढोने पर टैक्सी यूनियन ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: निजी गाड़ियों से सवारियां ढोने पर टैक्सी यूनियन ने जताया रोष
विज्ञापन
14 सितंबर को रंगस में भजन संध्या और 15 को होगा भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। नीलकंठ महादेव टैक्सी यूनियन रंगस की बैठक रविवार को टैक्सी स्टैंड के कार्यालय में आयोजित हुई। इसमें निजी गाड़ियों के माध्यम से सवारियां ढोने पर यूनियन ने कड़ा विरोध जताया। यूनियन के प्रधान दिनेश राणा ने कहा कि हर साल बड़ी टैक्सी गाड़ियों के मालिक को 10 से 15 हजार रुपये टैक्स चुकाना पड़ता है। यही नहीं अन्य राज्यों में जाने पर 300 से 500 रुपये अलग से देने के अलावा दो लाख के करीब अन्य खर्चे जैसे गाड़ी की इंश्योरेंस जीपीएस ट्रैकर के रिचार्ज व ड्राइवर की तनख्वाह आदि टैक्सी मालिक अदा करता है। तब जाकर सवारी का इंतजार करता है। दूसरी ओर प्राइवेट गाड़ी वाला बिना कुछ खर्च किए सवारी सरेआम ले जा रहा है। यूनियन इसे लेकर पुलिस विभाग और प्रशासन से शिकायत कर चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध रूप से प्राइवेट गाड़ियों के माध्यम से सवारियां ढोने वालों पर अंकुश लगाया जाए। इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। बैठक में सितंबर महीने की 14 सितंबर को टैक्सी यूनियन भजन संध्या जबकि 15 सितंबर को टैक्सी स्टैंड रंगस में भंडारे के आयोजन को लेकर चर्चा की गई। यूनियन के सभी सदस्यों की जिम्मेवारी निश्चित की गई ताकि टैक्सी यूनियन की ओर से आयोजित भंडारे को एक व्यवस्था के तहत किया जाए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। नीलकंठ महादेव टैक्सी यूनियन रंगस की बैठक रविवार को टैक्सी स्टैंड के कार्यालय में आयोजित हुई। इसमें निजी गाड़ियों के माध्यम से सवारियां ढोने पर यूनियन ने कड़ा विरोध जताया। यूनियन के प्रधान दिनेश राणा ने कहा कि हर साल बड़ी टैक्सी गाड़ियों के मालिक को 10 से 15 हजार रुपये टैक्स चुकाना पड़ता है। यही नहीं अन्य राज्यों में जाने पर 300 से 500 रुपये अलग से देने के अलावा दो लाख के करीब अन्य खर्चे जैसे गाड़ी की इंश्योरेंस जीपीएस ट्रैकर के रिचार्ज व ड्राइवर की तनख्वाह आदि टैक्सी मालिक अदा करता है। तब जाकर सवारी का इंतजार करता है। दूसरी ओर प्राइवेट गाड़ी वाला बिना कुछ खर्च किए सवारी सरेआम ले जा रहा है। यूनियन इसे लेकर पुलिस विभाग और प्रशासन से शिकायत कर चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अवैध रूप से प्राइवेट गाड़ियों के माध्यम से सवारियां ढोने वालों पर अंकुश लगाया जाए। इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए। बैठक में सितंबर महीने की 14 सितंबर को टैक्सी यूनियन भजन संध्या जबकि 15 सितंबर को टैक्सी स्टैंड रंगस में भंडारे के आयोजन को लेकर चर्चा की गई। यूनियन के सभी सदस्यों की जिम्मेवारी निश्चित की गई ताकि टैक्सी यूनियन की ओर से आयोजित भंडारे को एक व्यवस्था के तहत किया जाए।