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बारिश में ही कर दी सड़क पर टारिंग
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गलोड से टिप्पर सड़क में बारिश में भी टारिंग का कार्य करते हुए।
- फोटो : Hamirpur-HP
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गलोड़ (नादौन)। तहसील मुख्यालय गलोड़ से टिप्पर सड़क पर सोमवार को बारिश में भी टारिंग का कार्य कर चलता रहा। इससे सड़क की टारिंग उखड़ने की संभावना बनी हुई है। गलोड़ से टिप्पर सड़क की लंबाई लगभग 10 किलोमीटर है। इस सड़क को आधुनिक तकनीक से बनाने का कार्य चला हुआ है। पिछले डेढ़ वर्ष से इस निर्माण पर कई तरह के सवालिया निशान लोग उठा रहे हैं।
लोगों ने कहा कि इस सड़क को आधुनिक तकनीक से बनाने पर सरकार 10 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। सड़क का टेंडर उत्तराखंड की एक कंपनी को अलॉट हुआ है। लेकिन सोमवार को उस समय हद हो गई जब बारिश हो रही थी तो भी सड़क पर टारिंग का काम चला हुआ था। बारिश में की टारिंग कितने समय तक टिकेगी इस पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश में सड़क पर टारिंग का चिपकना मुश्किल लग रहा है। इस मामले पर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजन कौशल ने कहा कि बारिश में टारिंग करना उचित नहीं है।
यदि पांच साल के अंदर सड़क उखड़ जाती है तो उसकी मरम्मत करना कंपनी की ही जिम्मेदारी है।
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लोगों ने कहा कि इस सड़क को आधुनिक तकनीक से बनाने पर सरकार 10 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। सड़क का टेंडर उत्तराखंड की एक कंपनी को अलॉट हुआ है। लेकिन सोमवार को उस समय हद हो गई जब बारिश हो रही थी तो भी सड़क पर टारिंग का काम चला हुआ था। बारिश में की टारिंग कितने समय तक टिकेगी इस पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बारिश में सड़क पर टारिंग का चिपकना मुश्किल लग रहा है। इस मामले पर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राजन कौशल ने कहा कि बारिश में टारिंग करना उचित नहीं है।
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यदि पांच साल के अंदर सड़क उखड़ जाती है तो उसकी मरम्मत करना कंपनी की ही जिम्मेदारी है।