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खरूणी गांव में भैंस ने तेंदुए से मुकाबला कर बचाई कटड़ी
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खरूणी गांव में भैंस ने तेंदुए से मुकाबला कर बचाई कटड़ी
क्षेत्र में तेंदुए के हमले से दहशत, सहमे लोग
विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गलोड़ (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत नारा के तहत गांव खरूणी निवासी सुनील कुमार पुत्र स्वर्गीय गंगा राम की डेढ़ माह की कटड़ी पर वीरवार रात तेंदुए ने हमला कर दिया। उस समय भैंस भी वहीं बंधी थी और उसने रस्सी तोड़कर तेंदुए का मुकाबला कर कटड़ी को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। भैंस की आवाजें सुनकर मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया।
लोगों ने देखा तो कटड़ी की गर्दन के नीचे तेंदुए ने दांत गड़ाए थे। तेंदुए के इस हमले से क्षेत्र में भय का माहौल है। शुक्रवार सुबह भी ग्रामीण बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतराते रहे और इकट्ठे होकर बच्चों को स्कूल छोड़ा। इसके अलावा महिलाएं भी अकेले घासनियों में जाने से डर रही हैं। बता दें कि साथ लगते गांवों बलोह और कश्मीर में भी कुछ दिन पूर्व तेंदुए ने मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। लोगों का कहना है कि आए दिन कहीं न कहीं तेंदुआ क्षेत्र में किसी न किसी घटना को अंजाम देता है। गांववासियों इंदु ठाकुर, रमेश चंद, रीता कुमारी, उत्तम चंद, दीक्षा, मंजुला, रोशनी, लता, पुष्पा, उप प्रधान संदीप चौहान आदि ने विभाग से गुहार लगाई है कि समय रहते तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ा जाए ताकि, कोई अनहोनी न हो।
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क्षेत्र में तेंदुए के हमले से दहशत, सहमे लोग
विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गलोड़ (हमीरपुर)। ग्राम पंचायत नारा के तहत गांव खरूणी निवासी सुनील कुमार पुत्र स्वर्गीय गंगा राम की डेढ़ माह की कटड़ी पर वीरवार रात तेंदुए ने हमला कर दिया। उस समय भैंस भी वहीं बंधी थी और उसने रस्सी तोड़कर तेंदुए का मुकाबला कर कटड़ी को उसके चंगुल से छुड़ा लिया। भैंस की आवाजें सुनकर मालिक और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग गया।
लोगों ने देखा तो कटड़ी की गर्दन के नीचे तेंदुए ने दांत गड़ाए थे। तेंदुए के इस हमले से क्षेत्र में भय का माहौल है। शुक्रवार सुबह भी ग्रामीण बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से कतराते रहे और इकट्ठे होकर बच्चों को स्कूल छोड़ा। इसके अलावा महिलाएं भी अकेले घासनियों में जाने से डर रही हैं। बता दें कि साथ लगते गांवों बलोह और कश्मीर में भी कुछ दिन पूर्व तेंदुए ने मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। लोगों का कहना है कि आए दिन कहीं न कहीं तेंदुआ क्षेत्र में किसी न किसी घटना को अंजाम देता है। गांववासियों इंदु ठाकुर, रमेश चंद, रीता कुमारी, उत्तम चंद, दीक्षा, मंजुला, रोशनी, लता, पुष्पा, उप प्रधान संदीप चौहान आदि ने विभाग से गुहार लगाई है कि समय रहते तेंदुए को पिंजरा लगाकर पकड़ा जाए ताकि, कोई अनहोनी न हो।
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