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Hamirpur (Himachal) News: 15 मार्च से 15 अप्रैल तक होगा सफाई कर्मचारियों का सर्वे
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शहरी निकाय या ग्राम पंचायत कार्यालयों के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे दावे
सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध करवाएं आधुनिक उपकरण और सुरक्षा किट्स : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मैला ढोने का कार्य करने वाले या हाथ से गंदगी साफ करने वाले सफाई कर्मचारियों का पता लगाने और उनके कल्याण एवं पुनर्वास को आवश्यक कदम उठाने के लिए जिले में भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार एक व्यापक सर्वे किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बुधवार को इस सर्वे कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सर्वे की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने कहा कि अभी तक की जानकारी के अनुसार जिले में आधुनिक शौचालयों के निर्माण के कारण अब पुराने ढंग से मैला ढोने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, सेप्टिक टैंकों, शौचालयों और नालियों की सफाई के लिए अक्सर सफाई कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती हैं। अगर ये कर्मचारी अभी भी यह कार्य हाथ से कर रहे हैं तो इन्हें भी सर्वे में शामिल किया जा सकता है। जिलेभर में 15 मार्च से यह सर्वे आरंभ किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी निकाय के कार्यालयों में 15 अप्रैल तक इन कर्मचारियों के दावे या आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। बीडीओ कार्यालयों और शहरी निकाय कार्यालयों में इनका डाटा अपलोड किया जाएगा। उपायुक्त ने ग्रामीण विकास, पंचायतीराज और शहरी निकाय के अधिकारियों को सर्वे के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र सफाई कर्मचारी 15 अप्रैल तक अपने दावे प्रस्तुत कर सकें।
उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग और शहरी निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाटों और अन्य सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण एवं सुरक्षा किट्स उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों एवं सेप्टिक टैंकों का भी सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि इनकी सफाई की व्यवस्था की वास्तविकता का पता लगाया जा सके। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी गीता मरवाहा ने सर्वे से संबंधित दिशा-निर्देशों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीआरडीए के परियोजना अधिकारी चंद्रवीर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल, नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर सिंह ठाकुर और अन्य अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
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सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध करवाएं आधुनिक उपकरण और सुरक्षा किट्स : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मैला ढोने का कार्य करने वाले या हाथ से गंदगी साफ करने वाले सफाई कर्मचारियों का पता लगाने और उनके कल्याण एवं पुनर्वास को आवश्यक कदम उठाने के लिए जिले में भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार एक व्यापक सर्वे किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है। उपायुक्त अमरजीत सिंह ने बुधवार को इस सर्वे कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सर्वे की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने कहा कि अभी तक की जानकारी के अनुसार जिले में आधुनिक शौचालयों के निर्माण के कारण अब पुराने ढंग से मैला ढोने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, सेप्टिक टैंकों, शौचालयों और नालियों की सफाई के लिए अक्सर सफाई कर्मचारियों की सेवाएं ली जाती हैं। अगर ये कर्मचारी अभी भी यह कार्य हाथ से कर रहे हैं तो इन्हें भी सर्वे में शामिल किया जा सकता है। जिलेभर में 15 मार्च से यह सर्वे आरंभ किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी निकाय के कार्यालयों में 15 अप्रैल तक इन कर्मचारियों के दावे या आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। बीडीओ कार्यालयों और शहरी निकाय कार्यालयों में इनका डाटा अपलोड किया जाएगा। उपायुक्त ने ग्रामीण विकास, पंचायतीराज और शहरी निकाय के अधिकारियों को सर्वे के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि सभी पात्र सफाई कर्मचारी 15 अप्रैल तक अपने दावे प्रस्तुत कर सकें।
उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग और शहरी निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लाटों और अन्य सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण एवं सुरक्षा किट्स उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों एवं सेप्टिक टैंकों का भी सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि इनकी सफाई की व्यवस्था की वास्तविकता का पता लगाया जा सके। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी गीता मरवाहा ने सर्वे से संबंधित दिशा-निर्देशों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीआरडीए के परियोजना अधिकारी चंद्रवीर सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल, नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी अजमेर सिंह ठाकुर और अन्य अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
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