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Hamirpur (Himachal) News: लावारिस पशुओं ने बढ़ाई परेशानी, हादसे का डर
Tue, 29 Jul 2025 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 29 Jul 2025 12:32 AM IST
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पखरोल में सड़क के बीच खडे़ लावारिस पशु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
धनेटा (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के तहत गांव पखरोल और सेरा में लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। रात के समय पशु सड़क के बीचोंबीच बैठ जाते हैं, जिससे हादसे का डर रहता है।
इन लावारिस पशुओं के कारण आए दिन राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो वाहन चलाना भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। विशेषकर अंधेरे में अकसर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
इस संबंध में वाहन चालकों में सतीश, संदीप, गुलशन, राजीव आदि ने बताया कि पशु एक दम से गाड़ी के आगे आ जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं। यहां पर कई स्कूल हैं। सुबह जब बच्चे स्कूल के लिए जाते हैं तो उन्हें भी पशुओं का डर सताता है।
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ये लावारिस पशु किसानों के लिए समस्या बने हुए हैं। पशु मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान खेतों में मेहनत कर फसल उगाते हैं, लेकिन पशु तैयार फसल खाते कम हैं और नुकसान अधिक पहुंचाते हैं। इससे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस पशुओं की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। पशुओं के लिए विशेष गोसदन या सुरक्षित बाड़े की व्यवस्था की जाए। इससे किसान, विद्यार्थी और आम राहगीर सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।
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धनेटा (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के तहत गांव पखरोल और सेरा में लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। रात के समय पशु सड़क के बीचोंबीच बैठ जाते हैं, जिससे हादसे का डर रहता है।
इन लावारिस पशुओं के कारण आए दिन राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो वाहन चलाना भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। विशेषकर अंधेरे में अकसर दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
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इस संबंध में वाहन चालकों में सतीश, संदीप, गुलशन, राजीव आदि ने बताया कि पशु एक दम से गाड़ी के आगे आ जाते हैं, जिससे हादसे होते हैं। यहां पर कई स्कूल हैं। सुबह जब बच्चे स्कूल के लिए जाते हैं तो उन्हें भी पशुओं का डर सताता है।
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ये लावारिस पशु किसानों के लिए समस्या बने हुए हैं। पशु मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान खेतों में मेहनत कर फसल उगाते हैं, लेकिन पशु तैयार फसल खाते कम हैं और नुकसान अधिक पहुंचाते हैं। इससे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस पशुओं की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। पशुओं के लिए विशेष गोसदन या सुरक्षित बाड़े की व्यवस्था की जाए। इससे किसान, विद्यार्थी और आम राहगीर सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।