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Hamirpur (Himachal) News: साढ़े तीन करोड़ से 100 रेशम कीट पालकों के लिए बनेंगे भंडारण गृह
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हमीरपुर। जिला उद्योग विभाग का सेरी कल्चर विंग सामान्य वर्ग के 100 रेशम कीट पालकों को भंडारण गृह बनाने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए केंद्र सरकार से जल्द ही फंड जारी होने की उम्मीद है। इसका प्रस्ताव मंडल की ओर से केंद्र सरकार को भेजा गया है। इसका निर्णय 31 अक्तूबर को बेंगलुरू में होने वाली विभाग की बैठक में किया जाएगा। रेशम कीट पालकों को इससे रेशम का उत्पादन और बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा इन पालकों को उपकरण भी मुहैया करवाएंगे जाएंगे। विंग प्रत्येक रेशम कीट पालक को भंडारण गृह बनाने के लिए 1.80 लाख रुपये तक फंड जारी करेगा। योजना के तहत प्रत्येक किसान को शहतूत के 50-50 पौधे भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। रेशम बीज उत्पादन विंग में रेशम कीट पालकों को कीट की देखभाल और उनके चारे के बारे में जागरूकता शिविरों के माध्यम से जानकारी प्रदान की जाती है। इन शिविरों के आयोजन के खर्चे को भी फंड में शामिल किया गया है। किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए रेशम बीज उत्पादन मंडल नादौन इन्हें जागरूक कर रहा है। उद्योग विभाग के रेशम बीज उत्पादन मंडल में रेशम कीट पालन के बारे में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो रेशम कीट पालक पहले से ही इस कारोबार से जुड़े हुए हैं उनके लिए उद्योग विभाग का रेशम बीज उत्पादन विंग भंडारण गृह तैयार करने के लिए 1.80 लाख रुपये का अनुदान प्रति किसान प्रदान कर रहा है ताकि जिला में रेशम उत्पादन को और बढ़ाया जा सके। हमीरपुर में अन्य जिलों की अपेक्षा कम रेशम कीट पालक हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां लोगों को इन कीटों को पालने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
रेशम बीज उत्पादन विभाग के संयुक्त निदेशक बलदेव चौहान ने बताया कि जिला हमीरपुर के रेशम बीज उत्पादन मंडल नादौन की ओर से केंद्र सरकार को भंडारण गृह बनाने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। 31 अक्तूबर को बेंगलुरू में होने वाली विभाग की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। यह लाभ केवल सामान्य वर्ग के रेशम कीट पालकों को ही प्रदान किया जाएगा।
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इसके अलावा इन पालकों को उपकरण भी मुहैया करवाएंगे जाएंगे। विंग प्रत्येक रेशम कीट पालक को भंडारण गृह बनाने के लिए 1.80 लाख रुपये तक फंड जारी करेगा। योजना के तहत प्रत्येक किसान को शहतूत के 50-50 पौधे भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। रेशम बीज उत्पादन विंग में रेशम कीट पालकों को कीट की देखभाल और उनके चारे के बारे में जागरूकता शिविरों के माध्यम से जानकारी प्रदान की जाती है। इन शिविरों के आयोजन के खर्चे को भी फंड में शामिल किया गया है। किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए रेशम बीज उत्पादन मंडल नादौन इन्हें जागरूक कर रहा है। उद्योग विभाग के रेशम बीज उत्पादन मंडल में रेशम कीट पालन के बारे में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जो रेशम कीट पालक पहले से ही इस कारोबार से जुड़े हुए हैं उनके लिए उद्योग विभाग का रेशम बीज उत्पादन विंग भंडारण गृह तैयार करने के लिए 1.80 लाख रुपये का अनुदान प्रति किसान प्रदान कर रहा है ताकि जिला में रेशम उत्पादन को और बढ़ाया जा सके। हमीरपुर में अन्य जिलों की अपेक्षा कम रेशम कीट पालक हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए यहां लोगों को इन कीटों को पालने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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रेशम बीज उत्पादन विभाग के संयुक्त निदेशक बलदेव चौहान ने बताया कि जिला हमीरपुर के रेशम बीज उत्पादन मंडल नादौन की ओर से केंद्र सरकार को भंडारण गृह बनाने के लिए साढ़े तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। 31 अक्तूबर को बेंगलुरू में होने वाली विभाग की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। यह लाभ केवल सामान्य वर्ग के रेशम कीट पालकों को ही प्रदान किया जाएगा।
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