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Hamirpur (Himachal) News: नादौन अस्पताल में नहीं हो रहा चर्म रोगों का उपचार
Fri, 18 Jul 2025 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 18 Jul 2025 12:31 AM IST
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नादौन (हमीरपुर)। डेढ़ वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी नादौन अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ का पद नहीं भरा गया है। विशेषज्ञ न होने से आपात स्थिति में मरीजों को उपचार करवाने के लिए दूरदराज के अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
इससे मरीजों को उपचार के दौरान अधिक पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन जिलों के साथ सटे होने से अस्पताल में प्रतिदिन लोग स्वास्थ्य जांच और बीमारियों का उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ के न होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों में विवेक, अराधना, कुसुम, डिंपल और मनोज आदि ने कहा कि सरकार की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हालात पूर्णतया: बदतर है।
उन्होंने कहा कि रोजाना ओपीडी में जितने मरीज आते हैं, उनमें से लगभग दो दर्जन से अधिक मरीज चर्म रोग से जुड़े होते हैं। इन मरीजों को इलाज न मिलने के कारण मजबूरी में वापस लौटना पड़ता है। बरसात के मौसम में अकसर चारों ओर बारिश का पानी जमा होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को आती है।
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उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल नादौन की रोजाना की ओपीडी 450 के करीब होती है। पिछले डेढ़ वर्ष से रिक्त पद को भरने के लिए लगातार देरी की जा रही है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से रिक्त पद को भरने की मांग की है।
कोट
रिक्त पद पर नियुक्ति के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। रिक्त पद पर शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान दिक्कत न झेलनी पड़े।
-राजेश भारद्वाज, बीएमओ, नादौन
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इससे मरीजों को उपचार के दौरान अधिक पेरशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन जिलों के साथ सटे होने से अस्पताल में प्रतिदिन लोग स्वास्थ्य जांच और बीमारियों का उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ के न होने से मरीजों को अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों में विवेक, अराधना, कुसुम, डिंपल और मनोज आदि ने कहा कि सरकार की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर हालात पूर्णतया: बदतर है।
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उन्होंने कहा कि रोजाना ओपीडी में जितने मरीज आते हैं, उनमें से लगभग दो दर्जन से अधिक मरीज चर्म रोग से जुड़े होते हैं। इन मरीजों को इलाज न मिलने के कारण मजबूरी में वापस लौटना पड़ता है। बरसात के मौसम में अकसर चारों ओर बारिश का पानी जमा होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चों को आती है।
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उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल नादौन की रोजाना की ओपीडी 450 के करीब होती है। पिछले डेढ़ वर्ष से रिक्त पद को भरने के लिए लगातार देरी की जा रही है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से रिक्त पद को भरने की मांग की है।
कोट
रिक्त पद पर नियुक्ति के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। रिक्त पद पर शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे, ताकि मरीजों को उपचार के दौरान दिक्कत न झेलनी पड़े।
-राजेश भारद्वाज, बीएमओ, नादौन