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शिक्षा संवाद कार्यक्रम 23 से, शिक्षक और अभिभावक मिलकर बनाएंगे रुचिपूर्णी पढ़ाई की रूपरेखा
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हमीरपुर। अब सरकारी स्कूलों में शिक्षक और अभिभावक मिलकर शिक्षण कार्यों को रोचक और प्रभावी बनाने की रूपरेखा तैयार करेंगे। प्रदेशभर के ग्रीष्मकालीन विद्यालयों में 23 दिसंबर को शिक्षा संवाद का आयोजन किया जाएगा। शीतकालीन सत्र वाले विद्यालयों में 31 दिसंबर को इसका आयोजन होगा।
प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ सभी स्कूलों में यह शिक्षा संवाद होगा। इसके आयोजन के लिए प्रत्येक स्कूल को 700-700 रुपये बजट जारी है। जिले में 750 स्कूल हैं। इसमें वरिष्ठ 95, हाई 66, मिडल 114, प्राथमिक 475 स्कूल शामिल हैं। स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम में हर घर पाठशाला का महत्व और ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन शिक्षण सीखने की प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए माता-पिता की भूमिका, विद्यार्थियों के पढ़ने की सामग्री, निपुण भारत के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) का कार्यान्वयन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मूल्यांकन की ग्रेडिंग प्रणाली, ग्रीष्मकालीन समापन विद्यालयों और एफएएस में एफए और एसए-1 में प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के प्रारंभिक स्तर के परिणामों की प्रगति रिपोर्ट, प्रगति रिपोर्ट साझा करना, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम की असेसमेंट के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आंकलन में सीखने के अंतराल की पहचान और खराब प्रदर्शन के कारणों का पता लगाना आदि पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके समाधान के बारे भी अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे। वहीं मोबाइल के उचित उपयोग और दुरुपयोग के बारे में भी माता-पिता को जागरूक किया जाएगा।
सामुदायिक शिक्षा विभाग के समन्वयक सुनील कुमार ने कहा कि ग्रीष्मकालीन समापन विद्यालयों में 23 दिसंबर को यह शिक्षा संवाद आयोजित किया जाएगा। शीतकालीन समापन विद्यालयों में 31 दिसंबर को शिक्षा संवाद होगा। इसके बाद सभी स्कूलों में 28 फरवरी 2022 को शिक्षा संवाद होगा। सभी प्रधानाचार्यों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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प्राथमिक, माध्यमिक और वरिष्ठ सभी स्कूलों में यह शिक्षा संवाद होगा। इसके आयोजन के लिए प्रत्येक स्कूल को 700-700 रुपये बजट जारी है। जिले में 750 स्कूल हैं। इसमें वरिष्ठ 95, हाई 66, मिडल 114, प्राथमिक 475 स्कूल शामिल हैं। स्कूल शिक्षा संवाद कार्यक्रम में हर घर पाठशाला का महत्व और ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन शिक्षण सीखने की प्रक्रिया के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए माता-पिता की भूमिका, विद्यार्थियों के पढ़ने की सामग्री, निपुण भारत के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (एफएलएन) का कार्यान्वयन कार्यक्रम, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, मूल्यांकन की ग्रेडिंग प्रणाली, ग्रीष्मकालीन समापन विद्यालयों और एफएएस में एफए और एसए-1 में प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के प्रारंभिक स्तर के परिणामों की प्रगति रिपोर्ट, प्रगति रिपोर्ट साझा करना, विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम की असेसमेंट के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आंकलन में सीखने के अंतराल की पहचान और खराब प्रदर्शन के कारणों का पता लगाना आदि पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों की समस्याओं और उनके समाधान के बारे भी अभिभावकों से सुझाव लिए जाएंगे। वहीं मोबाइल के उचित उपयोग और दुरुपयोग के बारे में भी माता-पिता को जागरूक किया जाएगा।
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सामुदायिक शिक्षा विभाग के समन्वयक सुनील कुमार ने कहा कि ग्रीष्मकालीन समापन विद्यालयों में 23 दिसंबर को यह शिक्षा संवाद आयोजित किया जाएगा। शीतकालीन समापन विद्यालयों में 31 दिसंबर को शिक्षा संवाद होगा। इसके बाद सभी स्कूलों में 28 फरवरी 2022 को शिक्षा संवाद होगा। सभी प्रधानाचार्यों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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