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लंबलू शिफ्ट तो हुआ जिला आयुर्वेदिक अस्पताल, पर चार बजे लटक रहा ताला
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हमीरपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में कोविड केयर हेल्थ सेंटर बनाने के बाद इसके स्टाफ को आयुर्वेदिक अस्पताल लंबलू और बचत भवन शिफ्ट किया गया है। अस्पताल के आधे स्टाफ को लंबलू शिफ्ट किया गया है, लेकिन यहां शाम चार बजते ही ताला लटक रहा है।
क्षेत्र के लोगों को शाम चार बजे के बाद अस्पताल में सेवाएं नहीं मिल रही हैं। लोगों को शाम के समय उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर जाना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी लंबलू आयुर्वेदिक अस्पताल में शाम चार बजे के बाद सेवाएं नहीं मिलती थी। क्षेत्र वासी इस अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं देने की मांग अरसे से कर रहे हैं, लेकिन इनकी मांग पर सुनवाई नहीं हो रही है।
ग्राम पंचायत लंबलू के प्रधान करतार सिंह चौहान ने इस बाबत उपायुक्त हमीरपुर से जब बात की तो आयुर्वेदिक विभाग ने शनिवार को इस संबंध में बैठक का आयोजन किया। जिसमें पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। लोगों में निशा देवी, अरुण कुमार, अजय कुमार, संजीव ठाकुर, सुमित आदि का कहना है कि लंबलू अस्पताल का लाभ क्षेत्र की डेढ़ दर्जन पंचायतों के लोगों को मिलता है, लेकिन यहां सुविधाएं न मिलने के कारण लोगों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर जाना पड़ता है। अब यहां जिला आयुर्वेदिक अस्पताल को भी शिफ्ट किया गया है, बावजूद इसके 24 घंटे सुविधा नहीं मिल रही है। जबकि यहां दिन, रात सेवाएं मिलनी चाहिए। ग्राम पंचायत लंबलू के प्रधान करतार सिंह चौहान ने कहा कि अस्पताल में महज चार बजे तक ही सेवाएं मिल रही हैं। क्षेत्र के लोग उनके साथ शिकायत कर रहे हैं। इस बारे में उपायुक्त को अवगत करवाया गया। इसके बाद शनिवार को बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल को 24 घंटे न खोला गया तो वे स्वयं अनशन पर उतरेंगे। उधर, इस बारे में आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर की एमएस डॉ. पूनम ने कहा कि कोरोना के चलते स्टाफ की कमी है। कुछ की ड्यूटी कोविड केयर सेंटर में है, जबकि कुछ स्टाफ स्वयं संक्रमित है। इस कारण दिन, रात अस्पताल को खुला रखना संभव नहीं है। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक अस्पताल को खुला रखने के लिए पंचायत और लोगों को विकल्प दिया गया है। अगर इस पर लोग सहमत होते हैं तो ऐसा किया जाएगा। 24 घंटे अस्पताल खुला रखना फिलहाल मुमकिन नहीं है।
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क्षेत्र के लोगों को शाम चार बजे के बाद अस्पताल में सेवाएं नहीं मिल रही हैं। लोगों को शाम के समय उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर जाना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी लंबलू आयुर्वेदिक अस्पताल में शाम चार बजे के बाद सेवाएं नहीं मिलती थी। क्षेत्र वासी इस अस्पताल में 24 घंटे सेवाएं देने की मांग अरसे से कर रहे हैं, लेकिन इनकी मांग पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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ग्राम पंचायत लंबलू के प्रधान करतार सिंह चौहान ने इस बाबत उपायुक्त हमीरपुर से जब बात की तो आयुर्वेदिक विभाग ने शनिवार को इस संबंध में बैठक का आयोजन किया। जिसमें पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। लोगों में निशा देवी, अरुण कुमार, अजय कुमार, संजीव ठाकुर, सुमित आदि का कहना है कि लंबलू अस्पताल का लाभ क्षेत्र की डेढ़ दर्जन पंचायतों के लोगों को मिलता है, लेकिन यहां सुविधाएं न मिलने के कारण लोगों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर जाना पड़ता है। अब यहां जिला आयुर्वेदिक अस्पताल को भी शिफ्ट किया गया है, बावजूद इसके 24 घंटे सुविधा नहीं मिल रही है। जबकि यहां दिन, रात सेवाएं मिलनी चाहिए। ग्राम पंचायत लंबलू के प्रधान करतार सिंह चौहान ने कहा कि अस्पताल में महज चार बजे तक ही सेवाएं मिल रही हैं। क्षेत्र के लोग उनके साथ शिकायत कर रहे हैं। इस बारे में उपायुक्त को अवगत करवाया गया। इसके बाद शनिवार को बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल को 24 घंटे न खोला गया तो वे स्वयं अनशन पर उतरेंगे। उधर, इस बारे में आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर की एमएस डॉ. पूनम ने कहा कि कोरोना के चलते स्टाफ की कमी है। कुछ की ड्यूटी कोविड केयर सेंटर में है, जबकि कुछ स्टाफ स्वयं संक्रमित है। इस कारण दिन, रात अस्पताल को खुला रखना संभव नहीं है। सुबह आठ से शाम आठ बजे तक अस्पताल को खुला रखने के लिए पंचायत और लोगों को विकल्प दिया गया है। अगर इस पर लोग सहमत होते हैं तो ऐसा किया जाएगा। 24 घंटे अस्पताल खुला रखना फिलहाल मुमकिन नहीं है।
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