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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Self-employment... People have been waiting for subsidy for two years.

Hamirpur (Himachal) News: स्वरोजगार... दो साल से लोग कर रहे सब्सिडी का इंतजार

Thu, 23 Oct 2025 12:03 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 23 Oct 2025 12:03 AM IST
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मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत कैपिटल राशि और ब्याज सब्सिडी पर मिलता है अनुदान
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बजट के अभाव में विभाग के पास करीब 11.40 करोड़ रुपये की सब्सिडी लंबित
रजनीश वात्स्यान
हमीरपुर। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत स्वरोजगार शुरू करने वाले लोग दो वर्ष बाद भी सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं। विभाग के पास दस्तावेज पूर्ण होने के बाद भी लोगों को सब्सिडी नहीं मिल पा रही है।
करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक सब्सिडी लंबित पड़ी हुई है। उद्योग विभाग की ओर से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत ऋण दिया गया है। इसमें उन्हें स्वरोजगार शुरू करने में दिक्कत न हो, इसके लिए दो प्रकार की सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिसमें एक कैपिटल और दूसरी ब्याज पर प्रदान की जाती है। इसमें कैपिटल पर 25 से 35 फीसदी अनुदान का प्रावधान है, जबकि ब्याज पर पांच फीसदी की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
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हमीरपुर में लोगों को न ही कैपिटल सब्सिडी मिल रही है और न ही ब्याज पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। हमीरपुर में 11.40 करोड़ रुपये की कैपिटल सब्सिडी 3.50 करोड़ रुपये लंबित है, जबकि ब्यास सब्सिडी के रूप में 7.40 करोड़ रुपये की सब्सिडी देय है।
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हालांकि इसके तहत विभाग को ब्याज सब्सिडी के रूप में 34 लाख रुपये और कैपिटल सब्सिडी के रूप में 51 लाख रुपये का बजट उपलब्ध हुआ था, जिसे विभाग ने लाभार्थियों के बीच बांट दिया। मगर इसके बाद विभाग को बजट न मिलने के कारण लोगों को अपनी सब्सिडी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 60 फीसदी अनुदान उद्योग लगाने पर अथवा किसी भी प्रकार की मशीनरी खरीदने पर दिया जाता है तथा शेष 40 फीसदी अनुदान मशीनरी के कार्यांवित होने के बाद प्रदान किया जाता है। ऐसे में कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें 40 फीसदी अनुदान नहीं मिला है।
इसके अलावा ऋण राशि पर लगने वाले ब्याज का पांच फीसदी अनुदान दिया जाता है। मगर पिछले दो वर्षों से लोगों को न तो कैपिटल राशि पर अनुदान मिला है और न ही ब्याज सब्सिडी मिली है।


कोट :

उद्योग विभाग की ओर से लंबित सब्सिडी के लिए पत्राचार किया जा रहा है। विभाग को जो राशि मिली थी, उसे लाभार्थियों में बांट दिया जाएगा। बजट मिलने के बाद शेष लंबित राशि का भी भुगतान कर दिया जाएगा। -डॉ. ठाकुर भगत नेगी, महाप्रबंधक, उद्योग केंद्र बिलासपुर
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