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नौकरी से बेहतर है स्वरोजगार, अन्य को भी दे सकते हैं रोजगार : कतना
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आईटीआई के विद्यार्थियों और विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं को दी आरसेटी के कार्यों की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर ने मंगलवार को आईटीआई हमीरपुर में मानव संसाधन विकास पर कार्यशाला आयोजित की। संस्थान के निदेशक अजय कुमार कतना और अन्य अधिकारियों ने आईटीआई के विद्यार्थियों, स्टाफ और विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं को आरसेटी की स्थापना, इसके कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वरोजगार और वैतनिक रोजगार के बीच के अंतर के बारे में भी बताया। अजय कुमार कतना ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए कहीं पर नौकरी करने के बजाय स्वरोजगार को अपनाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
स्वरोजगार को अपनाकर हम स्वयं के साथ-साथ कई अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार दे सकते हैं तथा आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। विभिन्न बैंकों की ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर हम अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर अजय कुमार कतना ने मुद्रा योजना, विश्वकर्मा योजना, विभिन्न ऋण योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग, पेंशन योजना, बीमा योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा की अन्य योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान आईटीआई के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने भी विद्यार्थियों तथा विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया तथा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हमीरपुर ने मंगलवार को आईटीआई हमीरपुर में मानव संसाधन विकास पर कार्यशाला आयोजित की। संस्थान के निदेशक अजय कुमार कतना और अन्य अधिकारियों ने आईटीआई के विद्यार्थियों, स्टाफ और विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं को आरसेटी की स्थापना, इसके कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्वरोजगार और वैतनिक रोजगार के बीच के अंतर के बारे में भी बताया। अजय कुमार कतना ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए कहीं पर नौकरी करने के बजाय स्वरोजगार को अपनाना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
स्वरोजगार को अपनाकर हम स्वयं के साथ-साथ कई अन्य लोगों को भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में रोजगार दे सकते हैं तथा आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। विभिन्न बैंकों की ऋण योजनाओं का लाभ उठाकर हम अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। युवाओं को इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए। इस अवसर पर अजय कुमार कतना ने मुद्रा योजना, विश्वकर्मा योजना, विभिन्न ऋण योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग, पेंशन योजना, बीमा योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा की अन्य योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान आईटीआई के प्रधानाचार्य सुभाष शर्मा ने भी विद्यार्थियों तथा विश्वकर्मा योजना के प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन किया तथा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
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