{"_id":"5f1f0a368ebc3e63a04d3a2b","slug":"self-employment-hamirpur-hp-news-sml3397811121","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारा की सीमा देवी शहद बेचकर कमा रही सालाना एक लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारा की सीमा देवी शहद बेचकर कमा रही सालाना एक लाख रुपये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। दिनभर परिवार की देखभाल एवं घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली सीमा देवी के चेहरे पर अब आत्मविश्वास एवं स्वरोजगार की मिठास है। मधुमक्खी पालन के शौक ने उनके जीवन में बदलाव लाते हुए परिवार की आर्थिकी में बहुमूल्य योगदान देने के काबिल बनाया है। यह संभव हो पाया है मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के कारण। ग्राम पंचायत नारा के रटेड़ा गांव की सीमा देवी ने बताया कि उनके परिवार में काफी अरसे से शौक के तौर पर मधुमक्खी पालन किया जा रहा है, लेकिन इससे काफी कम मात्रा में शहद प्राप्त होता था। इस बीच उन्हें उद्यान विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री मधु विकास योजना की जानकारी प्राप्त हुई।
उनके पति सुरेश कुमार ने उन्हें इस शौक को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया। विभागीय औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्होंने नेरी में मौन पालन के बारे में प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। प्रारंभ में उन्होंने 25 मौनवंश स्थापित किए। मौनवंश, मौन गृहों व मौनपालन उपकरणों, सामग्री पर उन्हें इस योजना के अंतर्गत 96 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। प्रशिक्षण, उपकरण के ज्ञान से अब शहद के उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सीमा देवी ने बताया कि वर्ष 2019-20 में उन्हें 25 मौनवंश से दो से तीन क्विटंल शहद प्राप्त हुआ है। इससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये की आय हुई है। पशुपालन के माध्यम से दूध इत्यादि बेचकर जितनी आय होती रही है, उससे दोगुनी अब मौनपालन से एक साल में ही होने पर सीमा देवी व उनका परिवार काफी प्रसन्न है।
विज्ञापन
उनके पति सुरेश कुमार ने उन्हें इस शौक को व्यवसाय में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया। विभागीय औपचारिकताएं पूर्ण कर उन्होंने नेरी में मौन पालन के बारे में प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। प्रारंभ में उन्होंने 25 मौनवंश स्थापित किए। मौनवंश, मौन गृहों व मौनपालन उपकरणों, सामग्री पर उन्हें इस योजना के अंतर्गत 96 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। प्रशिक्षण, उपकरण के ज्ञान से अब शहद के उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सीमा देवी ने बताया कि वर्ष 2019-20 में उन्हें 25 मौनवंश से दो से तीन क्विटंल शहद प्राप्त हुआ है। इससे उन्हें लगभग एक लाख रुपये की आय हुई है। पशुपालन के माध्यम से दूध इत्यादि बेचकर जितनी आय होती रही है, उससे दोगुनी अब मौनपालन से एक साल में ही होने पर सीमा देवी व उनका परिवार काफी प्रसन्न है।
विज्ञापन