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एसडीओ और जेई से मारपीट का आरोपी गिरफ्तार
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हमीरपुर। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बजूरी में डंगा लगाने के दौरान जलशक्ति विभाग के एसडीओ और जेई से मारपीट के आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया है। विभाग के एसडीओ सुखदेव ने आरोप लगाया है कि बुधवार को जब वह जेई के साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में चल रहे कार्य के लिए पहुंचे तो वार्ड नंबर आठ निवासी पवन कुमार शर्मा डंडा लेकर आया और उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपी ने डंडे से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ पवन कुमार शर्मा ने भी आरोप लगाया कि जलशक्ति विभाग का ठेकेदार जबरन उनकी जमीन पर जेसीबी से खुदाई कर रहा था। जब उसे ऐसा करने से रोका तो मौके पर एसडीओ और अन्य अधिकारियों ने उससे हाथापाई शुरू कर दी। इस बारे में पुलिस में भी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने एक-तरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रमुख से मांग की है कि सारे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही सभी बन्नेदारों की मौजूदगी में संबंधित जमीन की निशानदेही होनी चाहिए। हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित शर्मा ने कहा कि जिन मामलों में सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान हो, उन मामलों में सीधी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। गिरफ्तारी से पूर्व सीआरपीसी 41-ए के अंतर्गत आरोपी को नोटिस देना होता है। पुलिस ने भादंसं की धारा 353, 332, 341, 504 और 506 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि आरोपी को नोटिस जारी हुआ था या नहीं, इसकी जानकारी मीडिया में नहीं दी जा सकती है। फिलहाल, आरोपी को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया है।
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आरोपी ने डंडे से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वहीं, दूसरी तरफ पवन कुमार शर्मा ने भी आरोप लगाया कि जलशक्ति विभाग का ठेकेदार जबरन उनकी जमीन पर जेसीबी से खुदाई कर रहा था। जब उसे ऐसा करने से रोका तो मौके पर एसडीओ और अन्य अधिकारियों ने उससे हाथापाई शुरू कर दी। इस बारे में पुलिस में भी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने एक-तरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रमुख से मांग की है कि सारे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही सभी बन्नेदारों की मौजूदगी में संबंधित जमीन की निशानदेही होनी चाहिए। हिमाचल प्रदेश बार एसोसिएशन के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित शर्मा ने कहा कि जिन मामलों में सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान हो, उन मामलों में सीधी गिरफ्तारी नहीं हो सकती है। गिरफ्तारी से पूर्व सीआरपीसी 41-ए के अंतर्गत आरोपी को नोटिस देना होता है। पुलिस ने भादंसं की धारा 353, 332, 341, 504 और 506 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। उधर, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि आरोपी को नोटिस जारी हुआ था या नहीं, इसकी जानकारी मीडिया में नहीं दी जा सकती है। फिलहाल, आरोपी को बुधवार की रात गिरफ्तार कर लिया है।
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