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Hamirpur (Himachal) News: हर दरवाजे पर सफाई कर्मी की दस्तक, फिर भी शहर की गलियों में कचरे के लग रहे ढेर
Fri, 09 Oct 2026 01:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:28 AM IST
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प्रतापनगर और हमीरपुर शहर से सटे नाले में फेंका गया कचरा। संवाद
- फोटो : 1
हमीरपुर। नगर निगम की ओर से गलियों और वार्डों में घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था के बावजूद गलियों और सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं। पड़ताल में सामने आया कि समस्या केवल सफाई कर्मियों के घर तक न पहुंचने की नहीं है। कई जगह तो लोग रात के अंधेरे में गलियों, चौराहों और सड़क किनारे कचरा डाल रहे हैं।
सुबह सफाई कर्मचारी घरों से कचरा उठाने के साथ खुले स्थानों पर फैली गंदगी भी समेटते हैं। यह समस्या पूरे निगम क्षेत्र में बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में 14 गाड़ियों के माध्यम से कचरा एकत्र किया जा रहा है और करीब 130 कर्मचारी व्यवस्था में जुटे हैं।
कर्मचारियों की कमी के बीच कचरा प्रबंधन की निगरानी भी चुनौती बनी हुई है। शहर के कई भवनों में 10 से 15 किरायेदार रह रहे हैं। ऐसे में भवन से निकलने वाले कचरे और उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए किरायेदारों का सटीक रिकॉर्ड जरूरी है।
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कचरा खुले में फेंकने से रोकने के लिए गलियों और चौराहों पर कैमरे लगाने के दावे भी अभी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सके हैं। हॉटस्पॉट एरिया में कैमरों से निगरानी के अभाव में रात के समय कचरा डालने वालों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
शाम के बाद सड़क या खुले स्थान पर छोड़ा गया कचरा रात में लावारिस पशु भी बिखेर देते हैं, जिससे सुबह तक गलियों और सड़कों पर गंदगी फैल जाती है।
सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए घर से कचरा उठाने की नियमित निगरानी के साथ खुले में कचरा डालने वालों पर कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए भवन मालिक, किरायेदार और निगम की जिम्मेदारी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
निगम के पास किरायेदारों का सटीक आंकड़ा नहीं
हर गृह मालिक से 60 रुपये मासिक कचरा एकत्रीकरण शुल्क निर्धारित है। शहर शिक्षा हब होने के कारण बड़ी संख्या में किरायेदार विद्यार्थी हैं। कई भवनों में बड़ी संख्या में किरायेदार रहने के बावजूद उनकी पूरी जानकारी निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
इससे यह पता लगाना मुश्किल होता है कि भवन में कितने लोग रह रहे हैं और वहां से कितना कचरा निकल रहा है। किरायेदारों का रिकॉर्ड शुल्क वसूली और कचरा प्रबंधन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। निगम अब संपत्ति कर के साथ कचरा शुल्क एकत्रीकरण व्यवस्था को जोड़ने की तैयारी कर रहा है।
कोट
सफाई व्यवस्था दुरुस्त चले, इसके लिए सही आंकड़े बेहद जरूरी हैं। अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क एकत्रीकरण व्यवस्था को जोड़ा जाएगा। सभी भवन मालिकों से किरायेदारों की सटीक जानकारी देने का आग्रह है, ताकि गलियां और सड़कें कचरा मुक्त रहें। -राकेश शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर
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सुबह सफाई कर्मचारी घरों से कचरा उठाने के साथ खुले स्थानों पर फैली गंदगी भी समेटते हैं। यह समस्या पूरे निगम क्षेत्र में बनी हुई है। नगर निगम क्षेत्र में 14 गाड़ियों के माध्यम से कचरा एकत्र किया जा रहा है और करीब 130 कर्मचारी व्यवस्था में जुटे हैं।
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कर्मचारियों की कमी के बीच कचरा प्रबंधन की निगरानी भी चुनौती बनी हुई है। शहर के कई भवनों में 10 से 15 किरायेदार रह रहे हैं। ऐसे में भवन से निकलने वाले कचरे और उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए किरायेदारों का सटीक रिकॉर्ड जरूरी है।
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कचरा खुले में फेंकने से रोकने के लिए गलियों और चौराहों पर कैमरे लगाने के दावे भी अभी पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर सके हैं। हॉटस्पॉट एरिया में कैमरों से निगरानी के अभाव में रात के समय कचरा डालने वालों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
शाम के बाद सड़क या खुले स्थान पर छोड़ा गया कचरा रात में लावारिस पशु भी बिखेर देते हैं, जिससे सुबह तक गलियों और सड़कों पर गंदगी फैल जाती है।
सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए घर से कचरा उठाने की नियमित निगरानी के साथ खुले में कचरा डालने वालों पर कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए भवन मालिक, किरायेदार और निगम की जिम्मेदारी को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
निगम के पास किरायेदारों का सटीक आंकड़ा नहीं
हर गृह मालिक से 60 रुपये मासिक कचरा एकत्रीकरण शुल्क निर्धारित है। शहर शिक्षा हब होने के कारण बड़ी संख्या में किरायेदार विद्यार्थी हैं। कई भवनों में बड़ी संख्या में किरायेदार रहने के बावजूद उनकी पूरी जानकारी निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।
इससे यह पता लगाना मुश्किल होता है कि भवन में कितने लोग रह रहे हैं और वहां से कितना कचरा निकल रहा है। किरायेदारों का रिकॉर्ड शुल्क वसूली और कचरा प्रबंधन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। निगम अब संपत्ति कर के साथ कचरा शुल्क एकत्रीकरण व्यवस्था को जोड़ने की तैयारी कर रहा है।
कोट
सफाई व्यवस्था दुरुस्त चले, इसके लिए सही आंकड़े बेहद जरूरी हैं। अब प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कचरा शुल्क एकत्रीकरण व्यवस्था को जोड़ा जाएगा। सभी भवन मालिकों से किरायेदारों की सटीक जानकारी देने का आग्रह है, ताकि गलियां और सड़कें कचरा मुक्त रहें। -राकेश शर्मा, आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर

प्रतापनगर और हमीरपुर शहर से सटे नाले में फेंका गया कचरा। संवाद- फोटो : 1

प्रतापनगर और हमीरपुर शहर से सटे नाले में फेंका गया कचरा। संवाद- फोटो : 1

प्रतापनगर और हमीरपुर शहर से सटे नाले में फेंका गया कचरा। संवाद- फोटो : 1