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पंचायत चुनाव में बैलेट पेपर से जनता ने कांग्रेस को दिखाया आईना : राणा
Fri, 09 Oct 2026 01:57 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:57 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस के वोट चोरी अभियान पर निशाना साधते हुए कहा कि पंचायत चुनावों में जनता ने बैलेट पेपर से कांग्रेस को आईना दिखा दिया है।
उन्होंने कहा कि जब पंचायत चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से हुए हैं तो कांग्रेस बताए कि यहां कौन सी वोट चोरी हुई और कौन सी ईवीएम खराब थी।
राणा ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रही है, जबकि हिमाचल में पंचायत चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस के दावों की पोल खोल दी है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में जिला परिषद की 19 सीटों में कांग्रेस केवल एक सीट जीत पाई, जबकि प्रदेश के 12 जिलों में से केवल एक जिले में कांग्रेस की स्थिति बची।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय पंचायत चुनावों के परिणामों पर आत्ममंथन करे। राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायत चुनावों को आरक्षण रोस्टर के नाम पर छह माह तक टालकर मतदाताओं के अधिकार से खिलवाड़ किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद निर्वाचित बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के दौरान सत्ता के दबाव और धन-बल का इस्तेमाल किया गया।
राणा ने कहा कि कांग्रेस का यही दोहरा चरित्र अब जनता के सामने है और हार के बाद चुनाव आयोग पर आरोप लगाना इसका समाधान नहीं है।
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उन्होंने कहा कि जब पंचायत चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से हुए हैं तो कांग्रेस बताए कि यहां कौन सी वोट चोरी हुई और कौन सी ईवीएम खराब थी।
राणा ने जारी बयान में कहा कि कांग्रेस दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रही है, जबकि हिमाचल में पंचायत चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस के दावों की पोल खोल दी है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिला हमीरपुर में जिला परिषद की 19 सीटों में कांग्रेस केवल एक सीट जीत पाई, जबकि प्रदेश के 12 जिलों में से केवल एक जिले में कांग्रेस की स्थिति बची।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने के बजाय पंचायत चुनावों के परिणामों पर आत्ममंथन करे। राणा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायत चुनावों को आरक्षण रोस्टर के नाम पर छह माह तक टालकर मतदाताओं के अधिकार से खिलवाड़ किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद निर्वाचित बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों को अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाने के दौरान सत्ता के दबाव और धन-बल का इस्तेमाल किया गया।
राणा ने कहा कि कांग्रेस का यही दोहरा चरित्र अब जनता के सामने है और हार के बाद चुनाव आयोग पर आरोप लगाना इसका समाधान नहीं है।