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Hamirpur (Himachal) News: सड़कें बंद, सेब कारोबार पर संकट
Wed, 13 Aug 2025 06:42 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 13 Aug 2025 06:42 AM IST
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सैँज घाटी में दरमेहडा के पास न्यूली सैंज रोड़ बंद।-संवाद
जिले में 73 सड़कों पर ठप है आवाजाही, ग्रामीण क्षेत्र में शुरू नहीं हुआ सेब तुड़ान
सब्जियां भी हो रहीं खराब, पहले ही 33 फीसदी सेब की फसल हो चुकी है बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बारिश से हुए भूस्खलन के कारण अभी भी 73 सड़कें बंद हैं। इस कारण सेब का कारोबार संकट में पड़ गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा का सामान ले जाने में दिक्कत हो रही है। जून में हुई तबाही से पहले ही जिले में 33 फीसदी सेब उत्पादन प्रभावित हो चुका है। अब सड़कें बंद होने से इस पर और प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है।
किसानों-बागवानों की मानें तो जिस रफ्तार से लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने का कार्य कर रहा है उससे बंद पड़ी इन सड़कों को बहाल करने में महीनों लग जाएंगे, तब तक उनकी सेब की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। जबकि पीठ पर सेब को निकालने के लिए अतिरिक्त भाड़ा देना होगा जिससे बागवानों को नुकसान ही झेलना पड़ेगा। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
गौरतलब है कि जिले में 600 करोड़ रुपये से अधिक का सेब कारोबार होता है। इस कारण जिले के लोगों की आर्थिकी सेब की फसल पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि सेब की फसल समय रहते मंड़ियों तक नहीं पहुंच पाई तो बागवानों को इसका भारी नुकसान होगा। बंजार उपमंडल की ही 26 सड़कें बंद हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ती हैं। जबकि कुल्लू में 12 सड़कें बंद पड़ी हैं इसके अलावा निरमंड में सबसे ज्यादा 35 सड़कें हैं । जिन पर वाहनों की आवाजाही बंद है। इसकी बजह से ग्रामीण क्षेत्र से सेब मंड़ियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसके अलावा सब्जी को भी किसान मंड़ियों तक नहीं ला पा रहे हैं इससे भी उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। उधर, उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश का कहना है कि सड़कों को बहाल करने का कार्य जारी है और विभाग को तेज गति से संपर्क मार्ग बहाल करने के निर्देश दे दिए हैं ताकि लोगों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हो।
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सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी : गिल
हिमाचल किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला समन्वयक सेब उत्पादक संघ गुरजीत गिल का कहना है कि सड़कों को समय पर बहाल करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि किसानों और बागवानों की फसलें समय रहते मंडियों तक पहुंच सकें। लेकिन जिला में प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इस कारण सड़कें समय पर बहाल नहीं हो पा रही हैं और इसका सीधा नुकसान किसानों-बागवानों को झेलना पड़ रहा है। जिले के लोगों की आर्थिकी सेब पर निर्भर करती है।
दर्जनों गांव अभी भी अंधेरे में
जिले के गड़सा और न्यूली क्षेत्र में अभी कई गांव अंधेरे में हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते क्षेत्र के 8 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं । इस कारण इन क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है।
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सब्जियां भी हो रहीं खराब, पहले ही 33 फीसदी सेब की फसल हो चुकी है बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में बारिश से हुए भूस्खलन के कारण अभी भी 73 सड़कें बंद हैं। इस कारण सेब का कारोबार संकट में पड़ गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा का सामान ले जाने में दिक्कत हो रही है। जून में हुई तबाही से पहले ही जिले में 33 फीसदी सेब उत्पादन प्रभावित हो चुका है। अब सड़कें बंद होने से इस पर और प्रभाव पड़ता दिखाई दे रहा है।
किसानों-बागवानों की मानें तो जिस रफ्तार से लोक निर्माण विभाग सड़कों को बहाल करने का कार्य कर रहा है उससे बंद पड़ी इन सड़कों को बहाल करने में महीनों लग जाएंगे, तब तक उनकी सेब की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। जबकि पीठ पर सेब को निकालने के लिए अतिरिक्त भाड़ा देना होगा जिससे बागवानों को नुकसान ही झेलना पड़ेगा। ऐसे में बागवानों की चिंता बढ़ गई है।
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गौरतलब है कि जिले में 600 करोड़ रुपये से अधिक का सेब कारोबार होता है। इस कारण जिले के लोगों की आर्थिकी सेब की फसल पर ही निर्भर है। ऐसे में यदि सेब की फसल समय रहते मंड़ियों तक नहीं पहुंच पाई तो बागवानों को इसका भारी नुकसान होगा। बंजार उपमंडल की ही 26 सड़कें बंद हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ती हैं। जबकि कुल्लू में 12 सड़कें बंद पड़ी हैं इसके अलावा निरमंड में सबसे ज्यादा 35 सड़कें हैं । जिन पर वाहनों की आवाजाही बंद है। इसकी बजह से ग्रामीण क्षेत्र से सेब मंड़ियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इसके अलावा सब्जी को भी किसान मंड़ियों तक नहीं ला पा रहे हैं इससे भी उन्हें काफी नुकसान हो रहा है। उधर, उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश का कहना है कि सड़कों को बहाल करने का कार्य जारी है और विभाग को तेज गति से संपर्क मार्ग बहाल करने के निर्देश दे दिए हैं ताकि लोगों को फसल मंडियों तक पहुंचाने में आसानी हो।
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सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी : गिल
हिमाचल किसान सभा के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला समन्वयक सेब उत्पादक संघ गुरजीत गिल का कहना है कि सड़कों को समय पर बहाल करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है ताकि किसानों और बागवानों की फसलें समय रहते मंडियों तक पहुंच सकें। लेकिन जिला में प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। इस कारण सड़कें समय पर बहाल नहीं हो पा रही हैं और इसका सीधा नुकसान किसानों-बागवानों को झेलना पड़ रहा है। जिले के लोगों की आर्थिकी सेब पर निर्भर करती है।
दर्जनों गांव अभी भी अंधेरे में
जिले के गड़सा और न्यूली क्षेत्र में अभी कई गांव अंधेरे में हैं। पिछले दिनों हुई बारिश के चलते क्षेत्र के 8 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं । इस कारण इन क्षेत्रों के दर्जनों गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है।