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Hamirpur (Himachal) News: बढ़ार गांव में पेंशन और श्रमदान से बनेगी सड़क, अब ग्रामीण खुद संभालेंगे मोर्चा
Sat, 12 Sep 2026 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:01 AM IST
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ताल (हमीरपुर)। कभी मेवा विधानसभा क्षेत्र का आखिरी गांव रहा बढ़ार अब सदर हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन गांव में सड़क की तस्वीर नहीं बदली। मुख्य सड़क से करीब 1300 मीटर दूर बसे करीब 20 परिवार आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं।
वर्षों से इंतजार के बाद ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। ग्राम पंचायत साहनवीं के तहत आने वाले बढ़ार के लिए पंचायत वर्ष 2023 में सड़क निर्माण का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
अब पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सेवारत सैनिकों के परिवार और अन्य ग्रामीण गणेश चतुर्थी से गांधी जयंती तक श्रमदान अभियान चलाएंगे। पूर्व सैनिक और वीर नारियां एक दिन की पेंशन सड़क निर्माण के लिए देंगी, जबकि ग्रामीण श्रमदान करेंगे।
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75 वर्षीय कश्मीरा देवी ने कहा कि सड़क के लिए कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्रभावित परिवार सड़क के लिए निजी भूमि देने को भी तैयार हैं। सड़क न होने से बीमारों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों की पढ़ाई और राशन व निर्माण सामग्री लाने में परेशानी होती है।
वहीं, समस्या सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिकारियों ने गांव का दौरा कर सड़क निर्माण की संभावनाएं जांची हैं। विभाग जल्द सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंपेगा।
इस संबंध में वीर नारी बिमला देवी ने कहा कि यह अभियान दो अक्तूबर तक चलेगा। ग्रामीणों ने पूर्व सैनिकों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सहयोग की अपील की है।
कोट
गांव के लिए सड़क निकालने के दो वैकल्पिक रास्ते हैं। एक जगह पर जमीनी विवाद है, यहां से मुख्य सड़क गांव से 400 से 500 मीटर ही दूर है, जबकि भेड़ फार्म की ओर से चढ़ाई और उतराई अधिक है और मुख्य सड़क से दूरी भी 1300 मीटर के करीब है। मौके का शुक्रवार को निरीक्षण किया है। सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि यहां पर ग्रामीणों को सड़क सुविधा जल्द उपलब्ध हो। -दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल हमीरपुर
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वर्षों से इंतजार के बाद ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए खुद मोर्चा संभालने का फैसला किया है। ग्राम पंचायत साहनवीं के तहत आने वाले बढ़ार के लिए पंचायत वर्ष 2023 में सड़क निर्माण का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।
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अब पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सेवारत सैनिकों के परिवार और अन्य ग्रामीण गणेश चतुर्थी से गांधी जयंती तक श्रमदान अभियान चलाएंगे। पूर्व सैनिक और वीर नारियां एक दिन की पेंशन सड़क निर्माण के लिए देंगी, जबकि ग्रामीण श्रमदान करेंगे।
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75 वर्षीय कश्मीरा देवी ने कहा कि सड़क के लिए कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। प्रभावित परिवार सड़क के लिए निजी भूमि देने को भी तैयार हैं। सड़क न होने से बीमारों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों की पढ़ाई और राशन व निर्माण सामग्री लाने में परेशानी होती है।
वहीं, समस्या सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिकारियों ने गांव का दौरा कर सड़क निर्माण की संभावनाएं जांची हैं। विभाग जल्द सरकार को इसकी रिपोर्ट सौंपेगा।
इस संबंध में वीर नारी बिमला देवी ने कहा कि यह अभियान दो अक्तूबर तक चलेगा। ग्रामीणों ने पूर्व सैनिकों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सहयोग की अपील की है।
कोट
गांव के लिए सड़क निकालने के दो वैकल्पिक रास्ते हैं। एक जगह पर जमीनी विवाद है, यहां से मुख्य सड़क गांव से 400 से 500 मीटर ही दूर है, जबकि भेड़ फार्म की ओर से चढ़ाई और उतराई अधिक है और मुख्य सड़क से दूरी भी 1300 मीटर के करीब है। मौके का शुक्रवार को निरीक्षण किया है। सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी, ताकि यहां पर ग्रामीणों को सड़क सुविधा जल्द उपलब्ध हो। -दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग मंडल हमीरपुर