{"_id":"6ad3cf38628ce054a30dba2c","slug":"road-repairs-in-rangas-lead-to-the-breaking-of-drinking-water-pipes-water-supply-in-several-villages-affected-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1009-212330-2026-10-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: रंगस में सड़क की मरम्मत से पेयजल पाइप टूटे, कई गांवों में जलापूर्ति प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: रंगस में सड़क की मरम्मत से पेयजल पाइप टूटे, कई गांवों में जलापूर्ति प्रभावित
Sun, 18 Oct 2026 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:10 AM IST
विज्ञापन
जंदली राजपूतां सहित आसपास के क्षेत्रों में दो-तीन दिन से पानी की किल्लत, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। कस्बा रंगस में राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत के दौरान जल शक्ति विभाग के पेयजल पाइप क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मशीनों से पाइप टूटने के कारण जंदली राजपूतां और आसपास के क्षेत्रों में दो-तीन दिन से पेयजल संकट बना हुआ है।
उन्होंने सड़क निर्माण में लगी कंपनी और संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने की मांग की है। स्थानीय निवासी बांकू राम, निर्मला देवी, माया देवी और सुभाष चंद ने कहा कि बीते सोमवार से उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित है।
उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। पाइप टूटने से लोगों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं, जबकि शिकायत करने पर जिम्मेदारी तय नहीं हो पाती।
विज्ञापन
रंगस क्षेत्र में कुणाह खड्ड पर जल शक्ति विभाग की पांच प्रमुख पेयजल परियोजनाएं हैं। इनमें नियाटी-मझोट, मंजला-बनहार, पन्याला-रंगस और नौहंगी-भूंपल सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के आसपास बसे गांवों समेत कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान पाइपों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण या मरम्मत शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को कार्यस्थल की जानकारी दी जाए और उनके कर्मचारी मौके पर मौजूद रहें, ताकि पेयजल पाइपों को नुकसान से बचाया जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ और निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही जारी रही, तो वे संबंधित विभागों के अधिकारियों का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।
कोट
सड़क निर्माण में लगी मशीनों से पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग की ओर से उनकी मरम्मत करवाई जा रही है और जिन स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, वहां पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जहां मशीनों की आवश्यकता नहीं है, वहां मैनुअल तरीके से काम करवाने का सुझाव भी दिया जाएगा, ताकि पेयजल वितरण के लिए बिछाए पाइपों को और नुकसान न पहुंचे। -पंकज कपिल, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग रंगस
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रंगस (हमीरपुर)। कस्बा रंगस में राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत के दौरान जल शक्ति विभाग के पेयजल पाइप क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों में जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, मशीनों से पाइप टूटने के कारण जंदली राजपूतां और आसपास के क्षेत्रों में दो-तीन दिन से पेयजल संकट बना हुआ है।
उन्होंने सड़क निर्माण में लगी कंपनी और संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने की मांग की है। स्थानीय निवासी बांकू राम, निर्मला देवी, माया देवी और सुभाष चंद ने कहा कि बीते सोमवार से उनके क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत जरूरी है, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। पाइप टूटने से लोगों की दैनिक जरूरतें प्रभावित हो रही हैं, जबकि शिकायत करने पर जिम्मेदारी तय नहीं हो पाती।
विज्ञापन
रंगस क्षेत्र में कुणाह खड्ड पर जल शक्ति विभाग की पांच प्रमुख पेयजल परियोजनाएं हैं। इनमें नियाटी-मझोट, मंजला-बनहार, पन्याला-रंगस और नौहंगी-भूंपल सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के आसपास बसे गांवों समेत कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान पाइपों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्थानीय लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण या मरम्मत शुरू करने से पहले संबंधित विभागों को कार्यस्थल की जानकारी दी जाए और उनके कर्मचारी मौके पर मौजूद रहें, ताकि पेयजल पाइपों को नुकसान से बचाया जा सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पेयजल समस्या का समाधान नहीं हुआ और निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही जारी रही, तो वे संबंधित विभागों के अधिकारियों का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे।
कोट
सड़क निर्माण में लगी मशीनों से पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त हुई हैं। विभाग की ओर से उनकी मरम्मत करवाई जा रही है और जिन स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, वहां पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। नुकसान की भरपाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही जहां मशीनों की आवश्यकता नहीं है, वहां मैनुअल तरीके से काम करवाने का सुझाव भी दिया जाएगा, ताकि पेयजल वितरण के लिए बिछाए पाइपों को और नुकसान न पहुंचे। -पंकज कपिल, कनिष्ठ अभियंता, जल शक्ति विभाग रंगस