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Hamirpur (Himachal) News: टीबी के मामलों ने बढ़ाई चिंता, इस वर्ष अब तक 621 मरीज मिले
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हमीरपुर। जिले में टीबी के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष अब तक टीबी के 621 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, टीबी से संबंधित सात मरीजों की मौत भी हुई है। मृतकों में अधिकांश मरीज टीबी के साथ अन्य गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे थे। बीते वर्ष जिले में टीबी के कुल 908 मामले दर्ज किए गए थे। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लगातार जांच बढ़ाई जा रही है, जिससे टीबी को जड़ से समाप्त किया जा सके। टीबी बीमारी छह माह से एक साल के भीतर खत्म हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी की रोकथाम और प्रभावी निगरानी के लिए संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच करवाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीमारी की जल्द पहचान होने से मरीज का समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है। संक्रमण को अन्य लोगों तक फैलने से रोकने में मदद मिलती है। टीबी के संभावित लक्षणों वाले लोगों की जांच में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात को पसीना आना या कमजोरी जैसे लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग अब संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच, उपचार शुरू करने और उपचार के दौरान नियमित निगरानी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर काम कर रहा है, ताकि टीबी के मामलों में कमी लाई जा सके।
पिछले कुछ सालों में आए टीबी के मामले
जिले में लगातार टीबी के मामलों में इजाफा हो रहा है। 2020 में 749, 2021 में 842 और 2022 में 811 टीबी के मामले आए थे। वहीं, 2023 में 942, 2024 में 920 और 2025 में 908 टीबी के मरीज मिले थे।
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-टीबी पर पूरी तरह काबू पाने के लिए जांच को बढ़ाया जा रहा है। टीबी का इलाज संभव है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीमारी की जल्द पहचान होने से मरीज का समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है। संक्रमण को अन्य लोगों तक फैलने से रोकने में मदद मिलती है। टीबी के संभावित लक्षणों वाले लोगों की जांच में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात को पसीना आना या कमजोरी जैसे लक्षण पाए जाने पर स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग अब संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच, उपचार शुरू करने और उपचार के दौरान नियमित निगरानी की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर काम कर रहा है, ताकि टीबी के मामलों में कमी लाई जा सके।
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पिछले कुछ सालों में आए टीबी के मामले
जिले में लगातार टीबी के मामलों में इजाफा हो रहा है। 2020 में 749, 2021 में 842 और 2022 में 811 टीबी के मामले आए थे। वहीं, 2023 में 942, 2024 में 920 और 2025 में 908 टीबी के मरीज मिले थे।
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-टीबी पर पूरी तरह काबू पाने के लिए जांच को बढ़ाया जा रहा है। टीबी का इलाज संभव है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। -डॉ. सतीश कुमार, सीएमओ हमीरपुर