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Hamirpur (Himachal) News: कार्यशाला में द्विपक्षीय संवाद की बजाय लंबे भाषणों पर उठे सवाल

Tue, 30 Sep 2025 01:37 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Tue, 30 Sep 2025 01:37 AM IST
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Questions raised on long speeches instead of bilateral dialogue in the workshop
उद्योग विभाग की कार्यशाला में कारोबारी अधिकारी के भाषण को रोककर सवाल उठाते हुए। संवाद।
हमीरपुर। उद्योग विभाग ने सोमवार को जिला मुख्यालय में जागरुकता कार्यशाला आयोजित की। हालांकि कार्यशाला द्धिपक्षीय संवाद की बजाय महज भाषण का मंच बनने पर सवाल उठे।
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ सतत औद्योगिक प्रथाओं को प्रोत्साहित करने तथा उद्यमिता विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई थी। नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त राकेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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कार्यशाला में मुख्यातिथि के साथ उद्योग विभाग के अधिकारियों ने भी संबोधित किया। अधिकारियों के संबोधन लंबे रहे और इसमें द्धिपक्षीय संवाद की कमी भी दिखी। कारोबारियों को अपने विचार रखने और सवाल पेश करने का मौका न मिलने पर एक कारोबारी ने सवाल भी उठाए।
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उद्यमियों को मुख्यातिथि राकेश शर्मा संबोधित कर रहे थे। इस बीच कारोबारी रजनीश ने कहा कि कार्यशाला महज भाषण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उद्यमियों की बात भी सुनी जानी चाहिए। कारोबारियों की समस्याएं भी इस तरह की कार्यशालाओं में सुनी जानी चाहिएं। यह महज लंच और अन्य औपचारिकताओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनकी इस बात को मुख्यातिथि ने भी सराहा और संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
राकेश शर्मा ने कहा कि एमएसएमई स्थापित करते समय आर्थिक उद्देश्यों के साथ-साथ पर्यावरणीय पहलुओं का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। तभी समग्र, स्थायी एवं टिकाऊ विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा शुरू की गई क्लस्टर आधारित नीति बहुत ही सराहनीय है।

कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं डॉ. विवेक कुमार और ऋषिकेश सिंह ने उद्यमियों को एमएसएमई क्लस्टर विकास कार्यक्रम तथा एमएसएमई ग्रीनिंग पहल जैसी प्रमुख योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।

उद्योग विभाग की कार्यशाला में कारोबारी अधिकारी के भाषण को रोककर सवाल उठाते हुए। संवाद।

उद्योग विभाग की कार्यशाला में कारोबारी अधिकारी के भाषण को रोककर सवाल उठाते हुए। संवाद।

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