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दो सौ रुपये से अधिक के लेनदेन का बिल न देने पर लगेगा 10 हजार जुर्माना

Mon, 27 Jan 2020 11:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jan 2020 11:12 PM IST
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हमीरपुर। मध्य क्षेत्र के राज्यकर एवं आबकारी अधिकारियों की बैठक मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं प्रधान सचिव (राज्यकर एवं आबकारी) संजय कुंडू की अध्यक्षता में हमीर भवन में हुई। संजय कुंडू ने निर्देश दिए कि जो व्यावसायिक प्रतिष्ठान 200 रुपये से अधिक के लेन-देन का बिक्री बिल जारी नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध जीएसटी एक्ट की धारा 122 के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाएं। इसमें एसजीएसटी एक्ट में 10 हजार रुपये तक और सीजीएसटी एक्ट में भी 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों से यह भी कहा कि वे लौह एवं स्टील, लकड़ी के व्यापार पर भी विशेष नजर रखें। उन्हें आबकारी (मद) ठेकेदारों से सभी बकाया कर उगाहने के भी निर्देश दिए गए।
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इस मौके पर मध्य क्षेत्र के अंतर्गत मंडी, कुल्लू, हमीरपुर और बिलासपुर राजस्व जिलों की अप्रैल से दिसंबर, 2019 तक की अवधि की राजस्व प्राप्तियों की वर्ष 2018-19 की समान अवधि की तुलनात्मक समीक्षा की गई। बैठक में कहा गया कि वर्ष 2019 में दिसंबर माह तक मध्य क्षेत्र में कुल 837.23 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्तियां विभिन्न करों से हुईं। जबकि वर्ष 2018-19 की समान अवधि में यह 717.51 करोड़ रुपये थी। गत वर्ष की तुलना में इसमें कुल 16.69 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इनमें इस वर्ष उक्त अवधि तक 339.20 करोड़ रुपये राज्य कर संग्रहण किया गया। जबकि वर्ष 2018 की समान अवधि में यह 290.85 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 16.62 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मध्य क्षेत्र में वैट संग्रहण उपरोक्त अवधि में 182.10 करोड़ रुपये रहा। जबकि वर्ष 2018-19 में यह 183.32 करोड़ रुपये था। इसी प्रकार एसजीएसटी (राज्य जीएसटी) की कुल प्राप्ति में 44.52 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी क्रम में इस वर्ष उपरोक्त अवधि में यात्री एवं माल कर (पीजीटी) की प्राप्ति में 10.55 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। प्रधान सचिव ने मध्य क्षेत्र में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए कर संग्रहण का लक्ष्य 1236 करोड़ रुपये निर्धारित किया। जबकि वित्तीय वर्ष 2018-19 में यह 992 करोड़ रुपये था। बैठक में निर्णय लिया गया कि खनन, पर्यटन व परियोजना कार्यों जिनमें पन विद्युत परियोजनाएं भी शामिल हैं, से जीएसटी संग्रहण पर विशेष बल दिया जाएगा। संजय कुंडू ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जीएसटी रिटर्न फाइल करने के कार्य को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने पर ध्यान केंद्रित करें ताकि इसे 85 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक लाया जा सके।
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