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शारीरिक और मानसिक सेहत नशे से बचाव का कारगर हथियार : डोगरा
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में विद्याथीZ
हमीरपुर। डीएसपी हेडक्वार्टर रोहिन डोगरा ने मंगलवार को तकनीकी विश्वविद्यालय में कहा कि विद्यार्थियों को अपने मानसिक और शारीरिक सेहत पर ध्यान केंद्रित करना बेहद अहम है। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ परिवार और समाज का निर्माण होता है। यही नशे से खुद और समाज के बचाव का कारगर हथियार है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एक मजबूत दिमाग आपको हर चुनौती को अवसर में बदलने की हिम्मत देता है।
नशे जैसी बुराई तब तक आपके पास नहीं फटक सकती है जब तक आपका दिमाग मजबूत है। स्वयं विश्लेषण कर विद्यार्थी अपनी ताकत, कमजोरी, अवसरों और चुनौतियों को पहचान सकते हैं। प्रतिस्पर्धा के दौर में परीक्षा पास करना और नौकरी हासिल करना ही चुनौती नहीं है। नशे से बचाव व अपने चरित्र का समाज में निर्माण भी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के सहायक रजिस्ट्रार सुरेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि डीएसपी हेडक्वार्टर रोहिन डोगरा को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक जेपी शर्मा ने मंच का संचालन किया। विश्वविद्यालय के सहायक समन्वयक हरीश चंद्र ठाकुर ने इस आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने डीएसपी से सवाल-जवाब भी किए। विद्यार्थी के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे की तस्करी के मामलों को पकड़ा जाता है। इस एक्ट के तहत पुलिस नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई करती है। वहीं, एक छात्रा के सवाल के जवाब में उन्होंने कोटपा एक्ट के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत शैक्षणिक संस्थानों के मुखिया भी संस्थानों के इर्द-गिर्द नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं। अभिभावकों और समाज की उम्मीदों पर नशे से बचकर और सही आचरण से खरा उतरा जा सकता है।
विद्यार्थी अक्षित ने कहा कि नशे से बचाव कर चरित्र निर्माण ही कारगर हथियार है। सेहत का ध्यान रखकर ही परिवार और समाज को नशे से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम से उन्हें जिंदगी की सीख मिली है।
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अकांक्षा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक नशीले पदार्थों को बिकने से रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते है, इसकी जानकारी उन्हें कार्यक्रम में मिली है।
नितिन पटियाल का कहना है कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए नशे से दूरी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में उन्हें सीख मिली है कि शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखकर वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
विकास का कहना है कि पुलिस भी जिम्मेवार नागरिकों की मदद से ही व्यवस्था में सुधार कर सकती है। जिम्मेवार नागरिक बनकर ही यह संभव है। नशे से कैसे बचें और लक्ष्य पर कैसे केंद्रित रहें, इस कार्यक्रम में उन्हें इसकी गहरी सीख मिली है।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के सहायक रजिस्ट्रार सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों को आत्ममंथन करने का मौका मिलता है। पढ़ाई से हटकर कैसे एक बेहतर समाज के निर्माण में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकती है, इस विषय पर बेहतर विमर्श कार्यक्रम में हुआ है।
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नशे जैसी बुराई तब तक आपके पास नहीं फटक सकती है जब तक आपका दिमाग मजबूत है। स्वयं विश्लेषण कर विद्यार्थी अपनी ताकत, कमजोरी, अवसरों और चुनौतियों को पहचान सकते हैं। प्रतिस्पर्धा के दौर में परीक्षा पास करना और नौकरी हासिल करना ही चुनौती नहीं है। नशे से बचाव व अपने चरित्र का समाज में निर्माण भी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के सहायक रजिस्ट्रार सुरेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि डीएसपी हेडक्वार्टर रोहिन डोगरा को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक जेपी शर्मा ने मंच का संचालन किया। विश्वविद्यालय के सहायक समन्वयक हरीश चंद्र ठाकुर ने इस आयोजन के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने डीएसपी से सवाल-जवाब भी किए। विद्यार्थी के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे की तस्करी के मामलों को पकड़ा जाता है। इस एक्ट के तहत पुलिस नशा तस्करी के मामलों में कार्रवाई करती है। वहीं, एक छात्रा के सवाल के जवाब में उन्होंने कोटपा एक्ट के बारे में विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत शैक्षणिक संस्थानों के मुखिया भी संस्थानों के इर्द-गिर्द नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं। अभिभावकों और समाज की उम्मीदों पर नशे से बचकर और सही आचरण से खरा उतरा जा सकता है।
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विद्यार्थी अक्षित ने कहा कि नशे से बचाव कर चरित्र निर्माण ही कारगर हथियार है। सेहत का ध्यान रखकर ही परिवार और समाज को नशे से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम से उन्हें जिंदगी की सीख मिली है।
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अकांक्षा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक नशीले पदार्थों को बिकने से रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते है, इसकी जानकारी उन्हें कार्यक्रम में मिली है।
नितिन पटियाल का कहना है कि बेहतर समाज के निर्माण के लिए नशे से दूरी बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में उन्हें सीख मिली है कि शारीरिक और मानसिक सेहत का ध्यान रखकर वह अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
विकास का कहना है कि पुलिस भी जिम्मेवार नागरिकों की मदद से ही व्यवस्था में सुधार कर सकती है। जिम्मेवार नागरिक बनकर ही यह संभव है। नशे से कैसे बचें और लक्ष्य पर कैसे केंद्रित रहें, इस कार्यक्रम में उन्हें इसकी गहरी सीख मिली है।
हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर के सहायक रजिस्ट्रार सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से विद्यार्थियों को आत्ममंथन करने का मौका मिलता है। पढ़ाई से हटकर कैसे एक बेहतर समाज के निर्माण में छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित हो सकती है, इस विषय पर बेहतर विमर्श कार्यक्रम में हुआ है।