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हमीरपुर में पेयजल से धोए जा रहे वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Sun, 27 Mar 2016 10:23 PM IST
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पेयजल की बूंद-बूंद कीमती है। पेयजल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसके बावजूद शहरवासी पेयजल व्यर्थ बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इस बात का प्रमाण है कि रविवार के दिन माल रोड़ पर पेयजल से वाहन धोए जा रहे हैं।
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हमीरपुर शहर की आबादी 20 हजार से अधिक है। शहर में रोजाना 30 लाख लीटर पेयजल की खपत होती है। पेयजल की आपूर्ति हथली खड्ड से होती है। हालांकि, गर्मियों में खड्डों का जलस्तर गिरने से शहर में पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पाती।
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गर्मियों का मौसम शुरू होने के बावजूद शहरी पेयजल से वाहन धो रहे हैं। निवासी सुरेंद्र कुमार, नीरज कुमार, दिलीप कुमार, पंकज, कार्तिक और अशोक कुमार का कहना है कि रविवार के दिन माल रोड पर अधिकतर दुकानदार अपने वाहन नल के पानी से धोते हैं। इससे पेयजल व्यर्थ बह रहा है। उन्होंने आईपीएच विभाग से मांग की है कि पेयजल से वाहनों को धोने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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आईपीएच विभाग के एक्सईएन नीरज भोगल का कहना है कि इस बारे में अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। पेयजल से वाहन साफ करते पकड़े जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।