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Hamirpur (Himachal) News: पहचान संस्था ने गोलू को लिया गोद, पूरा खर्च उठाएगी
Wed, 12 Nov 2025 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 12 Nov 2025 12:36 AM IST
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हमीरपुर। रंजना हत्याकांड मामले में अब पीड़ित परिवार और खासतौर पर दिव्यांग बेटे गोलू की मदद के लिए पहचान संस्था आगे आई है। पहचान संस्था हमीरपुर ने गोलू को गोद लिया है। अब यह संस्था दिन के समय वीरेंद्र उर्फ गोलू की देखभाल करेगी।
पहचान संस्था सासन में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल संचालित करती है। इस स्कूल में 67 दिव्यांग बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। यह महज किताबी शिक्षा नहीं है, बल्कि दिनभर की गतिविधियों के प्रति बच्चों को प्रशिक्षित करने की पहल है।
पहचान संस्था की ओर से संचालित स्कूल में 18 वर्षीय गोलू पहले भी जाता था, लेकिन पारिवारिक कारणों से कुछ माह से वह स्कूल में नहीं आ पाया था। अब दोबारा रंजना देवी की हत्या के बाद गोलू की पूरी जिम्मेवारी संस्था ने ली है। संस्था अब निशुल्क दिनभर गोलू की देखभाल करेगी। स्कूल में पढ़ाई, खाने-पीने सहित सभी खर्च संस्था ही उठाएगी।
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इतना ही नहीं, संस्था की गाड़ी ही गोलू को घर से लाने और छोड़ने जाएगी। गोलू के सिर से मां रंजना का साया छिन गया है। तीन नवंबर को पेश आई वारदात में यदि किसी को ताउम्र की चोट लगी है, तो वह गोलू है। गोलू बोल भी नहीं सकता है और वह ज्यादा बातें समझने में भी सक्षम नहीं है। ऐसे में उसकी देखभाल का संकट सबसे अधिक है।
वहीं, गोलू के पिता लोक निर्माण विभाग में बेलदार की नौकरी करते हैं। परिवार की दिक्कतों को देखते हुए संस्था ने गोलू को गोद लेकर मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
कोट
पहचान स्कूल की प्रधानाचार्य चेतना शर्मा ने कहा कि गोलू को संस्था ने गोद लिया है। उनके स्कूल में 26 वर्ष के दिव्यांग भी हैं। गोलू की देखभाल और पढ़ाई, खाने-पीने का खर्च संस्था ही उठाएगी।
विभागीय टीम भी घर पर पहुंची
गोलू को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से भी प्रयास किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मंगलवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंची। गोलू का पिता सरकारी नौकरी में है, ऐसे में उसे सुख आश्रय योजना में शामिल करने में शर्तें आड़े आ रही हैं, लेकिन बच्चे की बेहतर देखभाल हो, इसके लिए प्रशासन और विभाग कुछ रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है।
सुख आश्रय योजना का मिले लाभ : बिरला
भाजपा नेत्री उषा बिरला ने भी वीरेंद्र उर्फ गोलू को सरकार से सुख आश्रय योजना में शामिल करने की मांग की है। उषा बिरला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया है कि रंजना के बेटे दिव्यांग गोलू को शर्तों में छूट देकर ‘सुख आश्रय योजना’ के तहत तत्काल सहायता प्रदान की जाए, जिससे उस परिवार को राहत मिल सके।
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पहचान संस्था सासन में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल संचालित करती है। इस स्कूल में 67 दिव्यांग बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं। यह महज किताबी शिक्षा नहीं है, बल्कि दिनभर की गतिविधियों के प्रति बच्चों को प्रशिक्षित करने की पहल है।
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पहचान संस्था की ओर से संचालित स्कूल में 18 वर्षीय गोलू पहले भी जाता था, लेकिन पारिवारिक कारणों से कुछ माह से वह स्कूल में नहीं आ पाया था। अब दोबारा रंजना देवी की हत्या के बाद गोलू की पूरी जिम्मेवारी संस्था ने ली है। संस्था अब निशुल्क दिनभर गोलू की देखभाल करेगी। स्कूल में पढ़ाई, खाने-पीने सहित सभी खर्च संस्था ही उठाएगी।
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इतना ही नहीं, संस्था की गाड़ी ही गोलू को घर से लाने और छोड़ने जाएगी। गोलू के सिर से मां रंजना का साया छिन गया है। तीन नवंबर को पेश आई वारदात में यदि किसी को ताउम्र की चोट लगी है, तो वह गोलू है। गोलू बोल भी नहीं सकता है और वह ज्यादा बातें समझने में भी सक्षम नहीं है। ऐसे में उसकी देखभाल का संकट सबसे अधिक है।
वहीं, गोलू के पिता लोक निर्माण विभाग में बेलदार की नौकरी करते हैं। परिवार की दिक्कतों को देखते हुए संस्था ने गोलू को गोद लेकर मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
कोट
पहचान स्कूल की प्रधानाचार्य चेतना शर्मा ने कहा कि गोलू को संस्था ने गोद लिया है। उनके स्कूल में 26 वर्ष के दिव्यांग भी हैं। गोलू की देखभाल और पढ़ाई, खाने-पीने का खर्च संस्था ही उठाएगी।
विभागीय टीम भी घर पर पहुंची
गोलू को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से भी प्रयास किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मंगलवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंची। गोलू का पिता सरकारी नौकरी में है, ऐसे में उसे सुख आश्रय योजना में शामिल करने में शर्तें आड़े आ रही हैं, लेकिन बच्चे की बेहतर देखभाल हो, इसके लिए प्रशासन और विभाग कुछ रास्ता निकालने का प्रयास कर रहा है।
सुख आश्रय योजना का मिले लाभ : बिरला
भाजपा नेत्री उषा बिरला ने भी वीरेंद्र उर्फ गोलू को सरकार से सुख आश्रय योजना में शामिल करने की मांग की है। उषा बिरला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से अनुरोध किया है कि रंजना के बेटे दिव्यांग गोलू को शर्तों में छूट देकर ‘सुख आश्रय योजना’ के तहत तत्काल सहायता प्रदान की जाए, जिससे उस परिवार को राहत मिल सके।