{"_id":"6102ef868ebc3e663a521863","slug":"pediatric-opd-of-medical-college-shifted-to-night-shelter-hamirpur-hp-news-sml3786029105","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग ओपीडी रैन बसेरा में शिफ्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग ओपीडी रैन बसेरा में शिफ्ट
विज्ञापन
रैन बसेरा हमीरपुर में शुरू हुई शिशु रोग ओपीडी।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की शिशु रोग ओपीडी नगर परिषद के रैन बसेरा में स्थापित की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल कॉलेज परिसर में उमड़ने वाली भीड़ से बच्चों को बचाने के लिए इन्हें अलग से अस्पताल परिसर से बाहर ओपीडी का प्रावधान किया है। शिशु रोगों के लिए अब अभिभावक अस्पताल परिसर के साथ लगते नगर परिषद के रैन बसेरा में आ सकते हैं। यहां इससे पूर्व मेडिसिन विभाग की ओपीडी स्थापित की गई थी। करीब 15 दिन पहले मेडिसिन ओपीडी को उसके पुराने स्थान पर ही वापस शिफ्ट कर दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज परिसर की शिशु रोग ओपीडी के साथ मनोचिकित्सा की ओपीडी व सामने मेडिसिन ओपीडी है। यहां सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है और मेडिसिन ओपीडी के रोगियों की कतारें शिशु रोग ओपीडी के बाहर तक लगती हैं। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। इसके मद्देनजर कॉलेज प्रबंधन ने इसे रैन बसेरा में शिफ्ट किया है। हालांकि, रैन बसेरा में कोरोना टीकाकरण भी होता है और टीकाकरण के लिए यहां भी भीड़ उमड़ती है। जिस दिन यहां टीकाकरण होगा, उस दिन शिशु रोग ओपीडी में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
टीकाकरण के लिए उमड़ने वाली भीड़ भी रैन बसेरा के उसी प्रवेश द्वार पर खड़ी रहती है, जिस द्वार से ओपीडी को शिशु व उनके अभिभावक जाएंगे। इसलिए यहां भी शिशुओं को भीड़ से बचाना कॉलेज प्रबंधन के लिए चुनौती रहेगा। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर शिशु रोग ओपीडी को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है। यहां सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। शिशु रोगों की ओपीडी फिलहाल रैन बसेरा में होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज परिसर की शिशु रोग ओपीडी के साथ मनोचिकित्सा की ओपीडी व सामने मेडिसिन ओपीडी है। यहां सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है और मेडिसिन ओपीडी के रोगियों की कतारें शिशु रोग ओपीडी के बाहर तक लगती हैं। इससे संक्रमण का खतरा रहता है। इसके मद्देनजर कॉलेज प्रबंधन ने इसे रैन बसेरा में शिफ्ट किया है। हालांकि, रैन बसेरा में कोरोना टीकाकरण भी होता है और टीकाकरण के लिए यहां भी भीड़ उमड़ती है। जिस दिन यहां टीकाकरण होगा, उस दिन शिशु रोग ओपीडी में आने वाले मरीजों व तीमारदारों को भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
विज्ञापन
टीकाकरण के लिए उमड़ने वाली भीड़ भी रैन बसेरा के उसी प्रवेश द्वार पर खड़ी रहती है, जिस द्वार से ओपीडी को शिशु व उनके अभिभावक जाएंगे। इसलिए यहां भी शिशुओं को भीड़ से बचाना कॉलेज प्रबंधन के लिए चुनौती रहेगा। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर शिशु रोग ओपीडी को रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है। यहां सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए हैं। शिशु रोगों की ओपीडी फिलहाल रैन बसेरा में होगी।
विज्ञापन