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Hamirpur (Himachal) News: औषधीय सुगंधित पौधों की खुशबू से महकेगा पौणाहारी का परिसर
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दियोटसिद्ध में चार बीघा जमीन पर मंदिर न्यास करेगा पौधरोपण
बंदरों के उत्पात के चलते क्षेत्र में जगह-जगह उगी हुई थी झाड़ियां
पर्यटन की दृष्टि से मंदिर को विकसित करने के लिए किया जा रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर अब औषधीय सुगंधित पौधों की खुशबू से महकेगा। मंदिर के आसपास का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा। मंदिर परिसर के साथ लगती भूमि पर विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगेंगे। इससे पर्यटकों को मंदिर में दर्शनों के बाद घूमने के लिए उचित स्थान मिलेगा। मंदिर न्यास की ओर से चार बीघा भूमि पर विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधों को रोपित किया जाएगा। इससे मंदिर परिसर देखने में अधिक आकर्षक लगेगा। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से लेकर मंदिर अधिकारी आवास तक हरे-भरे पौधे लगाने का कार्य होगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में जंगली झाड़ियां उगी हैं। न्यास की ओर से इन झाड़ियों की सफाई का कार्य शुरू किया जा चुका है। जल्द ही इस सारे क्षेत्र की सफाई करके यहां पर औषधीय पौधों सहित इस प्रकार के मौसम के अनुकूल पौधे रोपित किए जाएंगे, जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंचा सकें। मंदिर प्रशासन का दावा है कि इस क्षेत्र की अनदेखी के चलते यहां जंगली झाड़ियां उगी थीं। इससे पहले भी यहां पौधरोपण किया गया है परंतु बंदरों के उत्पात के कारण यहां कुछ भी टिक नहीं पाया और सारा क्षेत्र उजड़ गया है। अब नए सिरे से प्रयास किया जाएगा कि इस सारे क्षेत्र की सफाई कर इस प्रकार के पौधे रोपित किए जाएं जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंच सके। मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को श्रद्धा के साथ-साथ पर्यटन की ओर भी आकर्षित किया जा सके। क्षेत्र की सफाई का कार्य आरंभ कर दिया गया है। शीघ्र ही पौधरोपण कार्य शुरू होगा।
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बंदरों के उत्पात के चलते क्षेत्र में जगह-जगह उगी हुई थी झाड़ियां
पर्यटन की दृष्टि से मंदिर को विकसित करने के लिए किया जा रहा कार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर अब औषधीय सुगंधित पौधों की खुशबू से महकेगा। मंदिर के आसपास का क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से विकसित होगा। मंदिर परिसर के साथ लगती भूमि पर विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधे लगेंगे। इससे पर्यटकों को मंदिर में दर्शनों के बाद घूमने के लिए उचित स्थान मिलेगा। मंदिर न्यास की ओर से चार बीघा भूमि पर विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधों को रोपित किया जाएगा। इससे मंदिर परिसर देखने में अधिक आकर्षक लगेगा। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से लेकर मंदिर अधिकारी आवास तक हरे-भरे पौधे लगाने का कार्य होगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में जंगली झाड़ियां उगी हैं। न्यास की ओर से इन झाड़ियों की सफाई का कार्य शुरू किया जा चुका है। जल्द ही इस सारे क्षेत्र की सफाई करके यहां पर औषधीय पौधों सहित इस प्रकार के मौसम के अनुकूल पौधे रोपित किए जाएंगे, जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंचा सकें। मंदिर प्रशासन का दावा है कि इस क्षेत्र की अनदेखी के चलते यहां जंगली झाड़ियां उगी थीं। इससे पहले भी यहां पौधरोपण किया गया है परंतु बंदरों के उत्पात के कारण यहां कुछ भी टिक नहीं पाया और सारा क्षेत्र उजड़ गया है। अब नए सिरे से प्रयास किया जाएगा कि इस सारे क्षेत्र की सफाई कर इस प्रकार के पौधे रोपित किए जाएं जिन्हें बंदर नुकसान न पहुंच सके। मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को श्रद्धा के साथ-साथ पर्यटन की ओर भी आकर्षित किया जा सके। क्षेत्र की सफाई का कार्य आरंभ कर दिया गया है। शीघ्र ही पौधरोपण कार्य शुरू होगा।