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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Patients waited for two hours outside OPD

ओपीडी के बाहर दो घंटे इंतजार करते रहे मरीज

Tue, 29 Jun 2021 07:51 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jun 2021 07:51 PM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मंगलवार सुबह साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आह्वान पर चिकित्सक पेनडाउन हड़ताल पर रहे। इस दौरान अस्पताल में मरीजों को महज आपातकालीन सेवाएं ही मिलीं, जबकि ओपीडी दो घंटों के लिए ठप रही। दो घंटों तक मरीज और तीमारदार ओपीडी के बाहर खड़े होकर चिकित्सकों का इंतजार करते रहे। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने सुबह साढ़े दस बजे जब मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दौरा किया तो पाया कि अधिकतर ओपीडी बंद हैं और मरीज ओपीडी के बाहर कतार में खड़े हैं और कई मरीज खड़ा न हो पाने के चलते बेंच पर बैठे हैं।
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समय सुबह के दस बजकर 55 मिनट हुए हैं। नेत्र ओपीडी के बाहर मरीजों की कतार लगी है। मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार कर रहे हैं। दस बजकर 58 मिनट पर ईएनटी ओपीडी के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठकर लोग चिकित्सकों का इंतजार कर रहे हैं। 11 बजे स्त्री रोग ओपीडी के बाहर बैठ महिलाएं चिकित्सकों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रही हैं। 11 बजकर पांच मिनट पर ऑर्थो ओपीडी के बाहर मरीज खड़े हैं। अभी यह भीड़ कुछ कम है, क्योंकि चिकित्सक नहीं बैठे हैं। साढ़े ग्यारह बजे जैसे ही चिकित्सक आए मरीज ओपीडी की ओर दौड़ पड़े। इस दौरान कई मरीजों ने अपनी पर्चियां पहले ही अंदर रख दी थीं।
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इससे नाराज कुछ मरीजों ने इसका विरोध भी जताया। अपना नंबर पहले डलवाने के लिए मरीज एक दूसरे के साथ धक्कामुक्की करते नजर आए। मेडिसन ओपीडी में भी भीड़ के चलते लोग धक्का मुक्की करने लगे। साढ़े ग्यारह से पहले लोग अस्पताल परिसर के बाहर और अन्य जगह हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते हुए बैठे रहे। जो मरीज साढ़े नौ बजे अस्पताल पहुंचे, उनका नंबर भीड़ के चलते दोपहर एक बजे तक भी नहीं पड़ा। सबसे ज्यादा भीड़ ऑर्थो और मेडिसन ओपीडी में रही। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टर्स हड़ताल पर रहे। कुछ देर मरीजों को परेशानी हुई, सवा ग्यारह बजे के बाद चिकित्सक ओपीडी में रहे और मरीजों का सुचारु उपचार किया।
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क्या कहते हैं मरीज-
साढ़े नौ से दोपहर एक बजे तक नहीं पड़ा नंबर : ज्ञान
टिहरा से सुबह साढ़े नौ बजे अस्पताल आए ज्ञान चंद ने कहा कि पहले तो उन्हें हड़ताल कहकर ओपीडी के पास आने तक नहीं दिया गया। जब वह यहां पहुंचे तो कुछ लोगों की पर्चियां पहले ही अंदर रख ली गई थीं। ऐसे में दोपहर एक बजे तक वह ओपीडी के बाहर खड़े रहे, लेकिन उनका नंबर नहीं लगा। हड़ताल के बाद भीड़ को काबू करने के लिए व्यवस्थाएं उचित नहीं थीं।
हड़ताल के चलते देरी से बैठे चिकित्सक : विधि चंद
विधि चंद ने कहा कि वह सुबह से ऑर्थो ओपीडी के बाहर खड़े हैं। यहां भीड़ में धक्कामुक्की भी हो रही है। जो पहले आया है, उसकी पर्ची दोपहर तक अंदर नहीं गई, लेकिन कई धक्कामुक्की कर पहले अपनी पर्चियां अंदर दे गए। हड़ताल के कारण पहले ही ओपीडी देरी से शुरू हुई और उसके बाद भीड़ के कारण अव्यवस्थाएं रहीं। ऐसी भीड़ में कोरोना फैलने का भी खतरा है।
कर्मचारी भी करते हैं मरीजों से बदतमीजी : अजय
अजय कुमार ने कहा कि ऑर्थो ओपीडी के बाहर सुबह दस बजे के खड़े रहे, लेकिन दोपहर साढ़े बारह बजे भी उनका नंबर नहीं आया। यहां एक कर्मचारी भी मरीजों के साथ बदतमीजी करती हैं। भीड़ के बीच सुबह से भूखे प्यासे खड़े रहने के बावजूद समय पर ओपीडी में नंबर नहीं आया। डॉक्टर देरी से बैठे इस कारण लोग भी परेशान हुए।

रोजाना सुबह दो घंटों की पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे : अभिषेक
रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को चिकित्सक साढ़े नौ से साढ़े ग्यारह बजे तक हड़ताल पर रहे। चिकित्सकों ने गेट मीटिंग कर निर्णय लिया कि मांगें पूरी होने तक चिकित्सक रोजाना सुबह दो घंटों की पेनडाउन हड़ताल पर रहेंगे। नॉन प्रेक्टिस अलाउंस को 25 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी करने के विरोध में यह हड़ताल जारी रहेगी। दो घंटे महज आपातकालीन सेवाएं मिलेंगी।
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