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Hamirpur (Himachal) News: डाॅक्टरों की पेनडाउन हड़ताल के आगे मरीज लाचार
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8 डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आपातकाल वार्ड में मरीजों का देखते चिकित्सक। संवाद
जिलाभर के अस्पतालों से बिना इलाज लौटे सैकड़ों मरीज
जिले में शनिवार से ही ठप हैं स्वास्थ्य सेवाएं
ओपीडी बंद होने से मरीज बेहाल, दिक्कतें बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलाभर में सोमवार को भी स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। डाॅक्टरों की पेन डाउन हड़ताल के आगे अस्पताल में उपचार की आस में पहुंचे मरीज लाचार दिखे। हालांकि, आपातकाल सेवाएं हर जगह जारी रहीं। हर कोई इस होड़ में दिखा कि आपातकाल में ही इलाज मिल जाए। इसके लिए मरीज सुरक्षा कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों से भी उलझते नजर आए। आपातकाल में महज उन्हीं लोगों को देखा जा रहा था जिन्हें अति आवश्यकता है। कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या का विरोध लगातार जारी है। जिला हमीरपुर में शनिवार से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। रविवार को ऐसे ही ओपीडी बंद रहती है। सोमवार को भी ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। ऐसे में तीन दिन से सेवाएं ठप हैं और मरीज परेशान हैं। दूर-दूर से आए मरीज बिना इलाज के ही लौट रहे हैं। कई मरीजों को चिकित्सकों ने पहले इन दिनों चेकअप के लिए बुलाया था तो कई लोगों को ऑपरेशन के लिए। सब मायूस होकर वापस आ रहे हैं। नाम न लिखने की शर्त पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आए मरीज ने कहा कि वह अपने भाई को लेकर सरकाघाट से आए हैं। सुबह 10 बजे से आए हैं और दोपहर का एक बज गया है लेकिन उपचार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतनी दूर से आकर भी इलाज नहीं मिल पा रहा।
शनिवार से ही मेडिकल कॉलेज, पीएचसी, सीएचसी सेंटरों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक जारी है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजीत, फेकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुभाष, डॉ. आशीष ने कहा कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। कोलकाता में हुई चिकित्सा की हत्या चिंताजनक है। इस तरह से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। महिला चिकित्सक को न्याय मिलना चाहिए तथा आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। महिला चिकित्सकों के साथ इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। विशेषकर महिला डॉक्टरों की उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने दोनों मामलों में प्रशासन से तुरंत उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के डा़ॅ रमेश भारती ने कहा कि पिछली रात नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक इमरजेंसी में 231 मरीजों का उपचार किया गया है। नौ मरीजों के ऑपरेशन भी किए गए हैं। आपात सेवाएं पूरी तरह से जारी हैं। 41 नए मरीजों को दाखिल किया गया है। मरीजों को कोई दिक्कत पेश न आए, इसके लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।
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जिले में शनिवार से ही ठप हैं स्वास्थ्य सेवाएं
ओपीडी बंद होने से मरीज बेहाल, दिक्कतें बढ़ीं
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलाभर में सोमवार को भी स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहीं। डाॅक्टरों की पेन डाउन हड़ताल के आगे अस्पताल में उपचार की आस में पहुंचे मरीज लाचार दिखे। हालांकि, आपातकाल सेवाएं हर जगह जारी रहीं। हर कोई इस होड़ में दिखा कि आपातकाल में ही इलाज मिल जाए। इसके लिए मरीज सुरक्षा कर्मचारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों से भी उलझते नजर आए। आपातकाल में महज उन्हीं लोगों को देखा जा रहा था जिन्हें अति आवश्यकता है। कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या का विरोध लगातार जारी है। जिला हमीरपुर में शनिवार से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। रविवार को ऐसे ही ओपीडी बंद रहती है। सोमवार को भी ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। ऐसे में तीन दिन से सेवाएं ठप हैं और मरीज परेशान हैं। दूर-दूर से आए मरीज बिना इलाज के ही लौट रहे हैं। कई मरीजों को चिकित्सकों ने पहले इन दिनों चेकअप के लिए बुलाया था तो कई लोगों को ऑपरेशन के लिए। सब मायूस होकर वापस आ रहे हैं। नाम न लिखने की शर्त पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आए मरीज ने कहा कि वह अपने भाई को लेकर सरकाघाट से आए हैं। सुबह 10 बजे से आए हैं और दोपहर का एक बज गया है लेकिन उपचार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतनी दूर से आकर भी इलाज नहीं मिल पा रहा।
शनिवार से ही मेडिकल कॉलेज, पीएचसी, सीएचसी सेंटरों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। चिकित्सकों की पेन डाउन स्ट्राइक जारी है। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजीत, फेकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुभाष, डॉ. आशीष ने कहा कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। कोलकाता में हुई चिकित्सा की हत्या चिंताजनक है। इस तरह से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। महिला चिकित्सक को न्याय मिलना चाहिए तथा आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। महिला चिकित्सकों के साथ इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। विशेषकर महिला डॉक्टरों की उनके कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। एसोसिएशन ने दोनों मामलों में प्रशासन से तुरंत उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के डा़ॅ रमेश भारती ने कहा कि पिछली रात नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक इमरजेंसी में 231 मरीजों का उपचार किया गया है। नौ मरीजों के ऑपरेशन भी किए गए हैं। आपात सेवाएं पूरी तरह से जारी हैं। 41 नए मरीजों को दाखिल किया गया है। मरीजों को कोई दिक्कत पेश न आए, इसके लिए भरपूर प्रयास किए जा रहे हैं।
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