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Hamirpur (Himachal) News: 10 बजे जारी हुए आदेश और तीन बजे बकरे नीलाम
Fri, 15 Nov 2024 01:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 15 Nov 2024 01:56 AM IST
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कमलेश रतन भारद्वाज
हमीरपुर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में बकरा नीलामी पर उठे सवालों ने लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट की है। मसला महज एक नीलामी का नहीं है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बालयोगी के दरबार में व्याप्त अव्यवस्थाओं का है। बकरा नीलामी के चलते बेशक एक कर्मचारी निलंबित हुआ, लेकिन अव्यवस्था की आंच और सवाल तमाम व्यवस्था पर उठे हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस कर्मचारी को नीलामी के लिए अधिकृत किया गया, उसे आदेश शनिवार दस बजे के करीब जारी हुए और तीन बजे तक बकरों को नीलाम कर दिया गया। कनिष्ठ सहायक को वह कार्य सौंपा गया, जो कि तहसीदार स्तर के मंदिर अधिकारी की अगुवाई में गठित कमेटी की ओर से नियमित तौर पर किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कनिष्ठ सहायक स्तर के कर्मचारी को यह जिम्मा किन नियमों के तहत सौंपा गया है। मामले में विभागीय जांच भी जारी है और अब विजिलेंस जांच की सिफारिश से मंदिर की व्यवस्थागत खामियों की कई परतें खुलने की उम्मीद है।
ये उपसमिति करती थी सोमवार और शनिवार को बकरे नीलाम
मंदिर परिसर में हर शनिवार और सोमवार को बाबा के दरबार में चढ़ने वाले बकरों की नीलामी की जाती है। इस नीलामी में मंदिर अधिकारी, सहायक नियंत्रक सिविल अधीक्षक ग्रेड-2 और सहायक मंदिर अधिकारी शामिल हैं। उपसमिति में शामिल पांच में से चार अधिकारी और कर्मचारी अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में मंदिर अधिकारी की ओर से कनिष्ठ अभियंता मनोज इस कार्य को करने के आदेश शनिवार को दस बजे के करीब किए गए और तीन बजे तक नीलामी को पूरा कर लिया गया। सवाल यह है कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी की निगरानी में होने वाली नीलामी को आखिर एक कनिष्ठ सहायक की निगरानी में किन नियमों के तहत किया गया।
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कोट्स
मंदिर न्याय चेयरमैन एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम का कहना है कि मामले में विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद टिप्पणी कर पाएंगे। विजिलेंस जांच की सिफारिश भी की गई है।
पांच में से लोग छुट्टी पर थे, इसलिए कनिष्ठ सहायक को सौंपा जिम्मा : चंदेल
मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल का कहना कि उपसमिति में शामिल पांच में से चार लोग अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में नीलामी का जिम्मा कनिष्ठ सहायक को सौंपा गया था। बकरा स्थल पर जगह कम है। ऐसे में रविवार को अधिक बकरे चढ़ते हैं, इसलिए बकरा स्थल पर भीड़ से दिक्कत न हो, इसके लिए बकरे शनिवार को नीलाम किए गए।
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हमीरपुर। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में बकरा नीलामी पर उठे सवालों ने लाखों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट की है। मसला महज एक नीलामी का नहीं है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बालयोगी के दरबार में व्याप्त अव्यवस्थाओं का है। बकरा नीलामी के चलते बेशक एक कर्मचारी निलंबित हुआ, लेकिन अव्यवस्था की आंच और सवाल तमाम व्यवस्था पर उठे हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस कर्मचारी को नीलामी के लिए अधिकृत किया गया, उसे आदेश शनिवार दस बजे के करीब जारी हुए और तीन बजे तक बकरों को नीलाम कर दिया गया। कनिष्ठ सहायक को वह कार्य सौंपा गया, जो कि तहसीदार स्तर के मंदिर अधिकारी की अगुवाई में गठित कमेटी की ओर से नियमित तौर पर किया जाता है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कनिष्ठ सहायक स्तर के कर्मचारी को यह जिम्मा किन नियमों के तहत सौंपा गया है। मामले में विभागीय जांच भी जारी है और अब विजिलेंस जांच की सिफारिश से मंदिर की व्यवस्थागत खामियों की कई परतें खुलने की उम्मीद है।
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ये उपसमिति करती थी सोमवार और शनिवार को बकरे नीलाम
मंदिर परिसर में हर शनिवार और सोमवार को बाबा के दरबार में चढ़ने वाले बकरों की नीलामी की जाती है। इस नीलामी में मंदिर अधिकारी, सहायक नियंत्रक सिविल अधीक्षक ग्रेड-2 और सहायक मंदिर अधिकारी शामिल हैं। उपसमिति में शामिल पांच में से चार अधिकारी और कर्मचारी अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में मंदिर अधिकारी की ओर से कनिष्ठ अभियंता मनोज इस कार्य को करने के आदेश शनिवार को दस बजे के करीब किए गए और तीन बजे तक नीलामी को पूरा कर लिया गया। सवाल यह है कि तहसीलदार स्तर के अधिकारी की निगरानी में होने वाली नीलामी को आखिर एक कनिष्ठ सहायक की निगरानी में किन नियमों के तहत किया गया।
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मंदिर न्याय चेयरमैन एसडीएम बड़सर राजेंद्र गौतम का कहना है कि मामले में विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद टिप्पणी कर पाएंगे। विजिलेंस जांच की सिफारिश भी की गई है।
पांच में से लोग छुट्टी पर थे, इसलिए कनिष्ठ सहायक को सौंपा जिम्मा : चंदेल
मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल का कहना कि उपसमिति में शामिल पांच में से चार लोग अवकाश पर चले गए थे। ऐसे में नीलामी का जिम्मा कनिष्ठ सहायक को सौंपा गया था। बकरा स्थल पर जगह कम है। ऐसे में रविवार को अधिक बकरे चढ़ते हैं, इसलिए बकरा स्थल पर भीड़ से दिक्कत न हो, इसके लिए बकरे शनिवार को नीलाम किए गए।