{"_id":"674778ccfd4f72546d053594","slug":"opposition-to-the-attempt-to-link-the-agricultural-land-adjacent-to-the-house-with-the-municipal-council-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-141866-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: घर के साथ लगती कृषि भूमि को नगर परिषद के साथ जोड़ने के प्रयास का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: घर के साथ लगती कृषि भूमि को नगर परिषद के साथ जोड़ने के प्रयास का विरोध
Thu, 28 Nov 2024 01:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 28 Nov 2024 01:23 AM IST
विज्ञापन
सचित्र
ग्राम पंचायत भरमोटी के लोगों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन(हमीरपुर)। ग्राम पंचायत भरमोटी पंचायत के लोगों ने पंचायत घर के साथ लगती कृषि भूमि को नगर परिषद के साथ जोड़ने के प्रयास का विरोध किया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार रोहित कंवर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन भेजा है।
लोगों का कहना है कि पंचायत घर के आसपास भी काफी आबादी है, जिन्हें अपने कार्यों के लिए यहां से दो किलोमीटर दूर नगर परिषद कार्यालय जाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों पूर्व पंचायत प्रधान प्रियतोष सिंह निशू, अमर सिंह, विकास डोगरा, विमला देवी, हंसराज, कृष्ण चंद, बलवंत सिंह, देसराज, तिलक राज, अमित सैणी, तारा चंद आदि ने बताया कि गांव के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी तथा मनरेगा पर आधारित हैं। यदि कृषि भूमि का स्थानांतरण किया जाता है, तो यहां के किसानों और बागवानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
वहीं, मनरेगा की दिहाड़ी लगाकर परिवार पाल रहे लोग तो पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पंचायत के किस-किस भाग को नगर परिषद से जोड़ा जा रहा है, उसकी जानकारी पंचायत को दी जाए, ताकि इस बारे में लोग उचित निर्णय ले सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना कोई निर्णय न लिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत भरमोटी के लोगों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन(हमीरपुर)। ग्राम पंचायत भरमोटी पंचायत के लोगों ने पंचायत घर के साथ लगती कृषि भूमि को नगर परिषद के साथ जोड़ने के प्रयास का विरोध किया है। इस संबंध में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार रोहित कंवर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक ज्ञापन भेजा है।
लोगों का कहना है कि पंचायत घर के आसपास भी काफी आबादी है, जिन्हें अपने कार्यों के लिए यहां से दो किलोमीटर दूर नगर परिषद कार्यालय जाना पड़ेगा। स्थानीय लोगों पूर्व पंचायत प्रधान प्रियतोष सिंह निशू, अमर सिंह, विकास डोगरा, विमला देवी, हंसराज, कृष्ण चंद, बलवंत सिंह, देसराज, तिलक राज, अमित सैणी, तारा चंद आदि ने बताया कि गांव के अधिकतर लोग खेतीबाड़ी तथा मनरेगा पर आधारित हैं। यदि कृषि भूमि का स्थानांतरण किया जाता है, तो यहां के किसानों और बागवानों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
वहीं, मनरेगा की दिहाड़ी लगाकर परिवार पाल रहे लोग तो पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पंचायत के किस-किस भाग को नगर परिषद से जोड़ा जा रहा है, उसकी जानकारी पंचायत को दी जाए, ताकि इस बारे में लोग उचित निर्णय ले सकें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को विश्वास में लिए बिना कोई निर्णय न लिया जाए।
विज्ञापन