{"_id":"5e06432f8ebc3e87ad58aa30","slug":"online-froud-hamirpur-hp-news-sml3191115141","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन कार खरीदने के चक्कर में 80 हजार रुपये गंवाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन कार खरीदने के चक्कर में 80 हजार रुपये गंवाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन (हमीरपुर)। पुलिस थाना नादौन के तहत स्थानीय कस्बे का एक व्यक्ति ऑनलाइन साइट पर सेकंड हैंड कार खरीदने के चक्कर में 80 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गया। ऑनलाइन साइट पर कार को बेचने वाले ने खुद को भारतीय सेना का जवान बताया। जिस पर विश्वास कर पीड़ित ने उसे करीब 20-20 रुपये की राशि चार ट्रांजेक्शन में भेज दी। लेकिन, जब उसे कार नहीं मिली तो उसने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। इससे पूर्व भी नादौन क्षेत्र का एक व्यक्ति ऐसे ही मामले में 1.20 लाख की ठगी का शिकार हुआ है।
पीड़ित ने बताया कि उसने पिछले दिनों ही अपनी एक कार ऑनलाइन ऐप के माध्यम से बेची थी। वहीं, उसी ऐप पर उसे एक और कार पसंद आ गई। संपर्क नंबर पर जब बात चली तो व्यक्ति ने खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला रंजीत बताया और कहा कि वह बतौर सैनिक कोलकाता में कार्यरत है। विश्वास के लिए उसने अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और कुछ अन्य दस्तावेज भी भेजे। व्यक्ति ने 25 दिसंबर को उसे पेटीएम के माध्यम से 20 हजार भेज दिए। इसके बाद रंजीत ने बताया कि जो कार उसने भेजी है वह हिमाचल नंबर की है और राजस्थान से चालक उस कार को लेकर निकल चुका है। 26 दिसंबर सुबह उसने और पैसे भेजने को कहा और बताया कि सुबह कार होशियारपुर पहुंच गई है। व्यक्ति ने उसके बाद 20 हजार और डाल दिए। रंजीत ने बताया कि अब 1 घंटे में नादौन में डिलीवरी होने वाली है, जिसके चलते व्यक्ति ने 19750 तथा 21510 की दो किस्तों को रंजीत के खाते में ट्रांसफर कर दिया। शाम तक जब कार की डिलीवरी न हुई तो व्यक्ति परेशान हो गया। उसने पुलिस में शिकायत की। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रवीण राणा ने बताया कि लोगों को आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन और अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग करते समय बेहद सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि उसने पिछले दिनों ही अपनी एक कार ऑनलाइन ऐप के माध्यम से बेची थी। वहीं, उसी ऐप पर उसे एक और कार पसंद आ गई। संपर्क नंबर पर जब बात चली तो व्यक्ति ने खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला रंजीत बताया और कहा कि वह बतौर सैनिक कोलकाता में कार्यरत है। विश्वास के लिए उसने अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड और कुछ अन्य दस्तावेज भी भेजे। व्यक्ति ने 25 दिसंबर को उसे पेटीएम के माध्यम से 20 हजार भेज दिए। इसके बाद रंजीत ने बताया कि जो कार उसने भेजी है वह हिमाचल नंबर की है और राजस्थान से चालक उस कार को लेकर निकल चुका है। 26 दिसंबर सुबह उसने और पैसे भेजने को कहा और बताया कि सुबह कार होशियारपुर पहुंच गई है। व्यक्ति ने उसके बाद 20 हजार और डाल दिए। रंजीत ने बताया कि अब 1 घंटे में नादौन में डिलीवरी होने वाली है, जिसके चलते व्यक्ति ने 19750 तथा 21510 की दो किस्तों को रंजीत के खाते में ट्रांसफर कर दिया। शाम तक जब कार की डिलीवरी न हुई तो व्यक्ति परेशान हो गया। उसने पुलिस में शिकायत की। इस संबंध में थाना प्रभारी प्रवीण राणा ने बताया कि लोगों को आरबीआई के दिशा-निर्देशों का पालन और अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग करते समय बेहद सावधानी बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन