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Hamirpur (Himachal) News: एक सचिव पर तीन पंचायतों का कार्यभार
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धर्मशाला। जिले में पंचायत सचिवों के पद खाली होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। कांगड़ा के 18 विकास खंडों की 811 पंचायतों में केवल 630 पंचायत सचिव ही कार्यरत हैं। 181 पंचायतों में सचिवों के पद लंबे समय से पद खाली हैं।
हालात ये हैं कि सचिवों की कमी के कारण एक सचिव को दो या तीन पंचायतों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीण जनता के कामकाज पर पड़ रहा है। पंचायतों में प्रमाण पत्र, रिकॉर्ड संबंधी कार्य और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्तमान में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। पंचायतों के कामकाज की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी और पंचायत सचिवों को सौंपी गई है, लेकिन सचिवों की संख्या कम होने के कारण व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। जिन पंचायतों में सचिव तैनात नहीं हैं, वहां नजदीकी पंचायतों के सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिससे कार्यों में देरी हो रही है। धर्मशाला ब्लॉक में 27 में से 19, कांगड़ा में 47 में से 39, नगरोटा बगवां में 34 में से 19, नूरपुर में 51 में से 45, रैत में 61 में से 42, देहरा में 55 में से 43, जबकि परागपुर में 62 में से 53 सचिव मौजूद हैं। हर ब्लॉक में सचिवों के पद खाली पड़े हुए हैं।
जिले की 181 पंचायतों में सचिवों के पद खाली हैं। सरकार की ओर से सचिवों को प्रशासक नियुक्त किया गया है और पंचायतों का कार्यभार नजदीकी पंचायतों के सचिव संभाल रहे हैं। सचिवों के रिक्त पदों के बारे में जानकारी पहले ही सरकार को दे गई है।
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-सचिन ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी, धर्मशाला।
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हालात ये हैं कि सचिवों की कमी के कारण एक सचिव को दो या तीन पंचायतों का अतिरिक्त कार्यभार संभालना पड़ रहा है। इसका सीधा असर ग्रामीण जनता के कामकाज पर पड़ रहा है। पंचायतों में प्रमाण पत्र, रिकॉर्ड संबंधी कार्य और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए आने वाले लोगों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्तमान में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। पंचायतों के कामकाज की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी और पंचायत सचिवों को सौंपी गई है, लेकिन सचिवों की संख्या कम होने के कारण व्यवस्था सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। जिन पंचायतों में सचिव तैनात नहीं हैं, वहां नजदीकी पंचायतों के सचिवों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिससे कार्यों में देरी हो रही है। धर्मशाला ब्लॉक में 27 में से 19, कांगड़ा में 47 में से 39, नगरोटा बगवां में 34 में से 19, नूरपुर में 51 में से 45, रैत में 61 में से 42, देहरा में 55 में से 43, जबकि परागपुर में 62 में से 53 सचिव मौजूद हैं। हर ब्लॉक में सचिवों के पद खाली पड़े हुए हैं।
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जिले की 181 पंचायतों में सचिवों के पद खाली हैं। सरकार की ओर से सचिवों को प्रशासक नियुक्त किया गया है और पंचायतों का कार्यभार नजदीकी पंचायतों के सचिव संभाल रहे हैं। सचिवों के रिक्त पदों के बारे में जानकारी पहले ही सरकार को दे गई है।
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-सचिन ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी, धर्मशाला।