{"_id":"6707c648a9fce5ecd206aad8","slug":"one-in-10-psychopaths-is-committing-suicide-kamal-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-138074-2024-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 मनोरोगियों में से एक कर रहा आत्महत्या : कमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 मनोरोगियों में से एक कर रहा आत्महत्या : कमल
विज्ञापन
आईटीआई लंबलू में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर दी जानकारी
मानसिक स्वास्थ्य के लिए खुली बातचीत से किया प्रोत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश रतू के दिशा-निर्देश पर वीरवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन आईटीआई लंबलू में किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से खंड स्वास्थ्य शिक्षक कमल भारती उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुली बातचीत से प्रोत्साहित करने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पहल को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत में भी मानसिक विकार एवं मानसिक रोग एक विशाल रूप ले रहे हैं। हर 10 मनोरोगियों में से एक आत्महत्या करता है। मानसिक विकारों के लक्षण में बताया गया है कि व्यक्ति को जो चीज सामने नहीं है, वह दिखाई देती है या आवाजें सुनाई देती हैं या अकेले में रहने की आदत पड़ती है। व्यक्ति का किसी भी काम में मन नहीं लगता है तथा वह अपने संबंधों का आनंद नहीं उठा पाता है। साथ ही वह हमेशा अपने शरीर में दर्द की शिकायत करता है। वह अपने दैनिक कार्य करने में भी असमर्थ महसूस करता है। उसके मन में बार-बार निगेटिव बातें आती हैं। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता पवन शर्मा, आशीष शर्मा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रिया तथा मोनिका उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मानसिक स्वास्थ्य के लिए खुली बातचीत से किया प्रोत्साहित
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश रतू के दिशा-निर्देश पर वीरवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का आयोजन आईटीआई लंबलू में किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से खंड स्वास्थ्य शिक्षक कमल भारती उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुली बातचीत से प्रोत्साहित करने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पहल को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि भारत में भी मानसिक विकार एवं मानसिक रोग एक विशाल रूप ले रहे हैं। हर 10 मनोरोगियों में से एक आत्महत्या करता है। मानसिक विकारों के लक्षण में बताया गया है कि व्यक्ति को जो चीज सामने नहीं है, वह दिखाई देती है या आवाजें सुनाई देती हैं या अकेले में रहने की आदत पड़ती है। व्यक्ति का किसी भी काम में मन नहीं लगता है तथा वह अपने संबंधों का आनंद नहीं उठा पाता है। साथ ही वह हमेशा अपने शरीर में दर्द की शिकायत करता है। वह अपने दैनिक कार्य करने में भी असमर्थ महसूस करता है। उसके मन में बार-बार निगेटिव बातें आती हैं। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता पवन शर्मा, आशीष शर्मा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी रिया तथा मोनिका उपस्थित रहे।