{"_id":"609be3da8ebc3ef640368e92","slug":"number-of-students-doubled-in-badiyar-government-school-hamirpur-hp-news-sml3700869156","type":"story","status":"publish","title_hn":"बडियार सरकारी स्कूल में दोगुनी हुई विद्यार्थियों की संख्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बडियार सरकारी स्कूल में दोगुनी हुई विद्यार्थियों की संख्या
विज्ञापन
नादौन। बेशक कई सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है। कई स्कूलों में ताले लटक चुके हैं, लेकिन शिक्षा खंड नादौन के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला बडियार के अध्यापकों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाकर मिसाल पेश की है। पिछले दो माह से जारी उनकी मेहनत बच्चों की संख्या बढ़ाने में रंग लाई है। ग्राम पंचायत चौडू के अंतर्गत आते इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 75 पहुंच गई है, जोकि पूर्व में 35 के करीब थी।
स्कूल में तैनात अध्यापकों अनिल कुमार और सज्जन कुमार के कोरोना काल में व्यक्तिगत प्रयासों से यह कार्य संभव हो पाया है। कोरोना काल भी इस स्कूल के अध्यापकों का विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के उत्साह को कम नहीं कर पाया है। स्कूल स्टाफ की कड़ी मेहनत का ही फल है कि यहां से हर वर्ष कई बच्चे नवोदय स्कूल के लिए चयनित होते रहे हैं। जबकि, कई विद्यार्थी यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक सेवाओं में ऊंचे पदों के लिए चुने जा चुके हैं। यह सिलसिला पिछले लगभग एक दशक से जारी है।
यही कारण है कि कोरोना काल में भी कई अभिभावकों ने अपने नौनिहालों को इस स्कूल में दाखिला करवाना उचित समझा है। अध्यापकों अनिल कुमार और सज्जन कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू में भी गूगल मीट के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है तथा अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाता है। प्रदेश सरकार भी बच्चों को सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को अपने नजदीक के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजें, ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल में तैनात अध्यापकों अनिल कुमार और सज्जन कुमार के कोरोना काल में व्यक्तिगत प्रयासों से यह कार्य संभव हो पाया है। कोरोना काल भी इस स्कूल के अध्यापकों का विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाने के उत्साह को कम नहीं कर पाया है। स्कूल स्टाफ की कड़ी मेहनत का ही फल है कि यहां से हर वर्ष कई बच्चे नवोदय स्कूल के लिए चयनित होते रहे हैं। जबकि, कई विद्यार्थी यहां से शिक्षा ग्रहण करने के बाद प्रशासनिक सेवाओं में ऊंचे पदों के लिए चुने जा चुके हैं। यह सिलसिला पिछले लगभग एक दशक से जारी है।
विज्ञापन
यही कारण है कि कोरोना काल में भी कई अभिभावकों ने अपने नौनिहालों को इस स्कूल में दाखिला करवाना उचित समझा है। अध्यापकों अनिल कुमार और सज्जन कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू में भी गूगल मीट के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है तथा अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित किया जाता है। प्रदेश सरकार भी बच्चों को सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को अपने नजदीक के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए भेजें, ताकि उन्हें अच्छी शिक्षा मिल सके।
विज्ञापन