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Hamirpur (Himachal) News: अब स्कूलों में भोजन परोसने से पहले गुणवत्ता की होगी जांच
Sun, 23 Aug 2026 01:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:07 AM IST
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हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब विद्यार्थियों को भोजन परोसने से पहले स्कूल प्रभारी या संबंधित शिक्षक उसकी गुणवत्ता की जांच करेंगे।
भोजन का स्वाद, गुणवत्ता और स्वच्छता संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इसे विद्यार्थियों में परोसा जाएगा। कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राथमिक स्कूल में सामने आए मध्याह्न भोजन से जुड़े मामले के बाद शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है।
विभाग ने स्कूल प्रभारियों को भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर उसे विद्यार्थियों तक परोसने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
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भोजन में किसी प्रकार की गंध, स्वाद में असामान्यता या सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उसे विद्यार्थियों को नहीं परोसा जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना है। स्कूलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ भोजन करते हैं। ऐसे में भोजन की तैयारी या वितरण में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूल स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम उठाया है।
कोट
स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मध्याह्न भोजन विद्यार्थियों को परोसने से पहले स्कूल प्रभारी या अधिकृत शिक्षक द्वारा उसकी गुणवत्ता की जांच करना अनिवार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। -कमल किशोर भारती, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर
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भोजन का स्वाद, गुणवत्ता और स्वच्छता संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इसे विद्यार्थियों में परोसा जाएगा। कुल्लू जिले के पतलीकूहल स्थित बाड़ी प्राथमिक स्कूल में सामने आए मध्याह्न भोजन से जुड़े मामले के बाद शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है।
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विभाग ने स्कूल प्रभारियों को भोजन की गुणवत्ता को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री से लेकर उसे विद्यार्थियों तक परोसने की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी।
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भोजन में किसी प्रकार की गंध, स्वाद में असामान्यता या सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उसे विद्यार्थियों को नहीं परोसा जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना है। स्कूलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक साथ भोजन करते हैं। ऐसे में भोजन की तैयारी या वितरण में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूल स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में कदम उठाया है।
कोट
स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मध्याह्न भोजन विद्यार्थियों को परोसने से पहले स्कूल प्रभारी या अधिकृत शिक्षक द्वारा उसकी गुणवत्ता की जांच करना अनिवार्य किया गया है, ताकि विद्यार्थियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। -कमल किशोर भारती, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर