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Hamirpur (Himachal) News: अब मेडिकल कॉलेज में 12 सीएमओ देंगे सेवाएं
Mon, 03 Nov 2025 12:34 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 03 Nov 2025 12:34 AM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने से इसका प्रत्यक्ष फायदा यहां पर इलाज करवाने आए मरीजों को मिलेगा। हाल ही में कॉलेज में आठ कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) ने ज्वाइन किया है।
सीएमओ के ज्वाइन करने से एक ओर जहां कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर की संख्या बढ़ गई है, वहीं कॉलेज में आपातकालीन सेवाएं अब पहले से बेहतर होंगी। इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। पहले यहां पर करीब चार सीएमओ सेवाएं दे रहे थे। अब सीएमओ की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1000 से 1500 के करीब ओपीडी होती है।
आपातकालीन वार्ड में ही रोजाना औसतन पांच से दस केस आते हैं। कई बार आपातकालीन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मरीजों का इलाज करने में दिक्कतें आती थीं। वहीं, मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने में देरी होती थी। अब यह समस्या दूर हो गई है।
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मेडिकल कॉलेज में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर का मुख्य काम आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों को तत्काल और तुरंत चिकित्सा सेवा प्रदान करना है। इसमें मरीजों को प्रारंभिक जांच, आपातकालीन स्थितियों का प्रबंधन जैसे चोट, दुर्घटनाएं या अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य समस्याएं और उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर करना शामिल है।
कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आठ कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर ने ज्वाइन किया है। अब सीएमओ की संख्या 12 हो गई है। निसंदेह स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। -डॉ. देसराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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सीएमओ के ज्वाइन करने से एक ओर जहां कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर की संख्या बढ़ गई है, वहीं कॉलेज में आपातकालीन सेवाएं अब पहले से बेहतर होंगी। इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। पहले यहां पर करीब चार सीएमओ सेवाएं दे रहे थे। अब सीएमओ की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1000 से 1500 के करीब ओपीडी होती है।
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आपातकालीन वार्ड में ही रोजाना औसतन पांच से दस केस आते हैं। कई बार आपातकालीन वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मरीजों का इलाज करने में दिक्कतें आती थीं। वहीं, मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने में देरी होती थी। अब यह समस्या दूर हो गई है।
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मेडिकल कॉलेज में कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर का मुख्य काम आपातकालीन विभाग में आने वाले मरीजों को तत्काल और तुरंत चिकित्सा सेवा प्रदान करना है। इसमें मरीजों को प्रारंभिक जांच, आपातकालीन स्थितियों का प्रबंधन जैसे चोट, दुर्घटनाएं या अचानक बिगड़ी स्वास्थ्य समस्याएं और उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर करना शामिल है।
कोट
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आठ कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर ने ज्वाइन किया है। अब सीएमओ की संख्या 12 हो गई है। निसंदेह स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। इसका लाभ मरीजों को मिलेगा। -डॉ. देसराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर