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Hamirpur (Himachal) News: मुख्यमंत्री सुक्खू के गृह क्षेत्र के अस्पताल में एंबुलेंस तक नहीं
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नादौन (हमीरपुर)। मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र में स्थित नागरिक अस्पताल नादौन में रोगियों के लिए एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि समाजसेवी संस्थाओं की ओर से चलाई जा रही एंबुलेंस सेवाएं रोगियों को राहत पहुंचा रही हैं। इतना ही नहीं अस्पताल से धनेटा, चौडू, सेरा, धनेटा आदि स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां आदि पहुंचाने वाली एक मात्र जीप भी 20 वर्ष के बाद पासिंग न होने से खड़ी हो चुकी है।
वर्ष 1997 में तत्कालीन राज्यसभा सांसद चंद्रेश कुमारी ने रोगियों की सुविधा के लिए अस्पताल को एक एंबुलेंस दी थी, वह भी अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्ष 2015 से अस्पताल परिसर में खड़ी है। नागरिक अस्पताल नादौन एंबुलेंस और अन्य वाहनों के न होने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।
लोगों का कहना है कि सरकार के पास इसकी जानकारी होने के बावजूद भी यहां कोई भी गाड़ी नहीं भेजी है। अस्पताल प्रशासन को मजबूरी में किराए पर गाड़ी हायर करनी पड़ रही है। खंड चिकित्सा अधिकारी को भी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण करने के लिए जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नादौन अस्पताल जिला कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाता है। मगर हैरानी की बात है कि अस्पताल में अपनी कोई भी एंबुलेंस तथा सरकारी दवाइयों को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने वाला वाहन तक नहीं है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी केके शर्मा ने कहा कि नादौन अस्पताल के पास अपनी एंबुलेंस नहीं है। अस्पताल से उपमंडल के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को दवाइयों की आपूर्ति करने वाला वाहन 20 साल पुराना हो चुका है, जिसे नियमानुसार चलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंबुलेंस और अन्य वाहनों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
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वर्ष 1997 में तत्कालीन राज्यसभा सांसद चंद्रेश कुमारी ने रोगियों की सुविधा के लिए अस्पताल को एक एंबुलेंस दी थी, वह भी अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्ष 2015 से अस्पताल परिसर में खड़ी है। नागरिक अस्पताल नादौन एंबुलेंस और अन्य वाहनों के न होने के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है।
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लोगों का कहना है कि सरकार के पास इसकी जानकारी होने के बावजूद भी यहां कोई भी गाड़ी नहीं भेजी है। अस्पताल प्रशासन को मजबूरी में किराए पर गाड़ी हायर करनी पड़ रही है। खंड चिकित्सा अधिकारी को भी अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण करने के लिए जाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नादौन अस्पताल जिला कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर के दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाता है। मगर हैरानी की बात है कि अस्पताल में अपनी कोई भी एंबुलेंस तथा सरकारी दवाइयों को अन्य स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने वाला वाहन तक नहीं है।
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खंड चिकित्सा अधिकारी केके शर्मा ने कहा कि नादौन अस्पताल के पास अपनी एंबुलेंस नहीं है। अस्पताल से उपमंडल के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों को दवाइयों की आपूर्ति करने वाला वाहन 20 साल पुराना हो चुका है, जिसे नियमानुसार चलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अस्पताल में एंबुलेंस और अन्य वाहनों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।