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जिले में बूस्टर डोज लगाने के लिए कोई भी निजी अस्पताल तैयार नहीं
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हमीरपुर। जिले में 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को कोरोनारोधी वैैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने के लिए कोई भी निजी अस्पताल तैयार नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी 14 निजी अस्पतालों को अपने यहां बूस्टर डोज की सुविधा देने के लिए संपर्क किया है, लेकिन विभाग को सभी अस्पतालों ने मना कर दिया है। इससे जिले में फिलहाल 18 से 59 साल वालों को बूस्टर डोज नहीं लग रही है। जबकि, सरकारी अस्पताल या वैक्सीनेशन केंद्रों पर महज साठ साल से अधिक और फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्कर्स को ही वैक्सीन की बूस्टर डोज लग रही है।
सरकार के निर्देशानुसार 18 से 59 आयु वर्ग वालों को निजी अस्पतालों में वैक्सीन की बूस्टर डोज लगेगी। इसे खरीदकर लोग लगवा सकते हैं, लेकिन जिले में किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज का केंद्र अपने यहां बनाने की हामी नहीं भरी है। इसका कारण निजी अस्पतालों को होने वाली हानि, कंपनी से वैक्सीन की सीधी खरीद और अधिक व्यस्तता बता रहे हैं। वैक्सीनेशन के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश रत्तू का कहना है कि जिले के किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज का केंद्र लगवाने की सहमति नहीं जताई है।
कई अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि किसी दिन यदि एक ही व्यक्ति वैक्सीन को आया तो शेष शीशी खराब हो जाएगी। ऐसे में उन्हें हानि होगी और अगर उस अकेले व्यक्ति को डोज नहीं लगाई तो वह हंगामा करेगा। इससे अस्पताल का नाम बिन वजह खराब होगा। फिलहाल जिले में 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने का कोई भी केंद्र नहीं है।
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सरकार के निर्देशानुसार 18 से 59 आयु वर्ग वालों को निजी अस्पतालों में वैक्सीन की बूस्टर डोज लगेगी। इसे खरीदकर लोग लगवा सकते हैं, लेकिन जिले में किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज का केंद्र अपने यहां बनाने की हामी नहीं भरी है। इसका कारण निजी अस्पतालों को होने वाली हानि, कंपनी से वैक्सीन की सीधी खरीद और अधिक व्यस्तता बता रहे हैं। वैक्सीनेशन के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश रत्तू का कहना है कि जिले के किसी भी निजी अस्पताल ने बूस्टर डोज का केंद्र लगवाने की सहमति नहीं जताई है।
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कई अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि किसी दिन यदि एक ही व्यक्ति वैक्सीन को आया तो शेष शीशी खराब हो जाएगी। ऐसे में उन्हें हानि होगी और अगर उस अकेले व्यक्ति को डोज नहीं लगाई तो वह हंगामा करेगा। इससे अस्पताल का नाम बिन वजह खराब होगा। फिलहाल जिले में 18 से 59 आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने का कोई भी केंद्र नहीं है।
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