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Hamirpur (Himachal) News: मुस्लिम समुदाय ने मनाई ईद-उल-अजहा
Sun, 08 Jun 2025 12:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:23 AM IST
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सुजानपुर के डोली में जामा मस्जिद मे नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग। स्रोत: जागरूक प
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हमीरपुर, सुजानपुर। जिला में शनिवार को मुस्लिम समुदाय का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) कुर्बानी के जज्बे के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की।
नादौन के साथ सुजानपुर डोली स्थित जामा मस्जिद में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। मुस्लिम सुधार सभा के प्रधान निजामुद्दीन खान ने कहा कि ईद-उल-अजहा हजरत इब्राहिम की ऐतिहासिक कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने का संकल्प लिया था, लेकिन खुदा की रहमत से अंतिम क्षण में बेटे की जगह एक दुम्बा (मेंढ़ा) कुर्बान हुआ और इस्माइल सुरक्षित बच गए।
इसी स्मृति में मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े जानवरों की कुर्बानी करते हैं। यह पर्व मेल-मिलाप और भाईचारे का संदेश देता है। जिलेभर में तीन दिन तक समुदाय के लोग अपने मोहल्लों में बारी-बारी से कुर्बानी करेंगे और रिश्तेदारों व दोस्तों को दावत दी जाएगी।
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नादौन के साथ सुजानपुर डोली स्थित जामा मस्जिद में लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दी। मुस्लिम सुधार सभा के प्रधान निजामुद्दीन खान ने कहा कि ईद-उल-अजहा हजरत इब्राहिम की ऐतिहासिक कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। उन्होंने अल्लाह के हुक्म पर अपने बेटे इस्माइल को कुर्बान करने का संकल्प लिया था, लेकिन खुदा की रहमत से अंतिम क्षण में बेटे की जगह एक दुम्बा (मेंढ़ा) कुर्बान हुआ और इस्माइल सुरक्षित बच गए।
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इसी स्मृति में मुस्लिम समुदाय के लोग बड़े जानवरों की कुर्बानी करते हैं। यह पर्व मेल-मिलाप और भाईचारे का संदेश देता है। जिलेभर में तीन दिन तक समुदाय के लोग अपने मोहल्लों में बारी-बारी से कुर्बानी करेंगे और रिश्तेदारों व दोस्तों को दावत दी जाएगी।

सुजानपुर के डोली में जामा मस्जिद मे नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग। स्रोत: जागरूक प

सुजानपुर के डोली में जामा मस्जिद मे नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग। स्रोत: जागरूक प
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