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गलोड़ हत्याकांड मामले में दसवीं के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक से मिले, रखा अपना पक्ष

Sat, 18 Jul 2020 11:45 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2020 11:45 PM IST
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हमीरपुर। दसवीं गांव के ग्रामीण शनिवार को पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर से मिले और इस हत्याकांड में उनके गांव के लोगों का हाथ न होने की बात कहकर मामले की उचित छानबीन की मांग की है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को एक पत्र भी सौंपा है। पत्र में कहा गया है कि दसवीं गांव की सीमा देवी जब 16 जुलाई की रात को अपने बच्चों के साथ सो रही थी तो शोर सुनाई दिया। जब वह उठी तो देखा कि पड़ोस के रिखी राम चिल्ला रहे थे। सीमा जब कमरे से बाहर निकली तो देखा कि रिखी राम डडोह निवासी राकेश कुमार के पीछे भाग रहे थे। राकेश कुमार बाथरूम की ओर भाग रहा था। इतने में वह गिर गया। उससे शराब की बदबू आ रही थी। इससे पहले भी वह अलग-अलग घरों में पकड़ा गया है। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर आए। वार्ड सदस्य ने गोईस पंचायत के उपप्रधान को सूचना दी कि आपकी पंचायत का राकेश उनके गांव में है।
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इस पर उपप्रधान ने कहा कि वह अभी नहीं आ सकता। जब उसने राकेश के परिजनों से बात की तो उन्होंने भी आने से मना किया। इसके बाद दसवीं के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मामले में पुलिस के सामने राकेश ने कबूला कि उसने ज्यादा शराब पी ली थी, जिस कारण उसे यह पता नहीं चला कि वह कहां आ गया है। इसके बाद पुलिस राकेश को अपने साथ ले गई। अगली सुबह करीब पौने सात बजे पवन कुमार जो वाटर गार्ड है, ने ड्यूटी से आते समय राकेश कुमार को सड़क किनारे बैंच पर लेटे पाया। राकेश ने पवन से पानी पिलाने को कहा और कहा कि उसने शराब ज्यादा पी ली है। उसने पवन को घर छोड़ने को भी कहा। पवन ने उपप्रधान गोईस को फोन किया और राकेश के बारे में बताया। इसके बाद एक गाड़ी में राकेश कुमार को ले गए, लेकिन दोपहर होते-होते पुलिस ने दसवीं गांव के ही करीब आधा दर्जन लोगों को बड़सर थाना बुला लिया। इन लोगों ने भी पुलिस को यह सच्चाई बता दी, लेकिन पुलिस ने न तो उपप्रधान, न गाड़ी वाले लोगों और न ही वाटरगार्ड से पूछताछ की, बल्कि दसवीं के ग्रामीणों को ही हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों विजय कुमार, राम कृष्ण शर्मा, ठाकुरी देवी, शिवानी, जगदंबे देवी, अनीता कुमारी, पुष्पलता, अनंत राम, शिवानी शर्मा, सोनिका, सलोचना, कुंता, इंदु आदि ने पुलिस अधीक्षक से दसवीं गांव के लोगों को छोड़ने की मांग की है। लोगों ने कहा कि दसवीं गांव के लोगों ने रात को उसे पुलिस को सुपुर्द कर दिया था, जिसकी उनके पास वीडियो है, लेकिन सुबह वह बैंच पर जीवित पाया गया। इन सभी बातों की जांच होनी चाहिए कि उसने सुबह शराब कहां से पी, गाड़ी में ले जाने वाले लोग कौन थे। उधर, पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर ने ग्रामीणों को उचित जांच का आश्वासन दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। एसएचओ बड़सर मामले की छानबीन कर रहे हैं, जबकि डीएसपी बड़सर मामले को पूरी तरह मॉनिटर कर रहे हैं।
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