फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Medical college work is still incomplete, Congress and BJP need credit

Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज का काम अभी अधूरा, कांग्रेस और भाजपा को श्रेय चाहिए पूरा

Tue, 28 May 2024 10:07 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Tue, 28 May 2024 10:07 AM IST
विज्ञापन
Medical college work is still incomplete, Congress and BJP need credit
नादौन के जोलसप्प्ड़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज। संवाद।
हमीरपुर। नादौन विधानसभा क्षेत्र के जोलसप्पड़ में निर्माणाधीन डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर शिलान्यास के छह साल बाद भी अधर में लटका हुआ है। चुनावी मौसम में फिर मेडिकल कॉलेज चर्चाओं में है। खासकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर मेडिकल कॉलेज को लेकर आमने-सामने हैं। श्रेय लेने के लिए कांग्रेस और भाजपा में होड़ मची है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में सुविधाजनक उपचार की उम्मीद लगाए बैठे मरीज लाचार हैं। वह क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में चल रहे मेडिकल कॉलेज में धक्के खाने को विवश हैं।
विज्ञापन


श्रेय लेने को लेकर दावे एक तरफ रखें तो जोलसप्पड़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के कार्य को साल 2022 में पूरा करने का लक्ष्य रखा था। पूर्व जयराम सरकार के कार्यकाल में साल 2018 में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ। शिलान्यास के बाद भाजपा सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करने के प्रयास किए, ताकि समय रहते उद्घाटन हो सके। मगर निर्धारित समय में यह कार्य पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन

इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही इस मेडिकल कॉलेज के लिए सुक्खू सरकार ने बजट और अन्य योजनाएं भी स्वीकृत कीं। इसके लिए अतिरिक्त बजट दिया और ट्रामा सेंटर से लेकर कैंसर अस्पताल की भी प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अलावा यहां निर्माणाधीन 240 बैड की क्षमता के अस्पताल ब्लॉक को साल 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। साल की शुरूआत में पहले 31 जनवरी, फिर 31 मार्च और अब 31 जुलाई 2024 तक निर्माण कार्य पूरा करने का दावा कंपनी की ओर से किया रहा है। कुल मिलाकर निर्धारित समय से डेढ़ साल ज्यादा हो गए, लेकिन अभी तक कार्य अधर में है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं हो सकी अभी तक फर्नीचर की खरीद
अकादमिक ब्लॉक का निर्माण कार्य पूरा कर फर्नीचर खरीद के लिए मेडिकल कॉरपोरेशन को जिम्मा सौंपा है। मगर अभी तक मेडिकल कॉलेज के नए भवन के लिए न तो फर्नीचर की खरीद हुई है और न ही उपकरण खरीदे जा सके हैं। मार्च में स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी मेडिकल कॉलेज का दौरा किया था, लेकिन उसके बाद भी कोई कवायद शुरू नहीं हो पाई है।



छह साल से क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में अव्यवस्था

छह साल से मेडिकल कॉलेज क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में चल रहा है। ओपीडी में डॉक्टरों की भरमार है और बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों का दबाव भी मेडिकल कॉलेज का तमगा लगने से अस्पताल में बढ़ गया है। लगभग 2000 मरीज रोजाना ओपीडी में पहुंचते हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए बैठने के लिए सुविधा तक नहीं है। पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी, लैब और वार्ड हर जगह मरीज और तीमारदार बेहाल है। मेडिकल स्टूडेंट भी असुविधाओं का सामना कर रहे हैं।




यूपीए सरकार में मंजूर करवाया था मेडिकल कॉलेज : सीएम सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू कहते हैं यूपीए सरकार में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से उन्होंने मेडिकल कॉलेज बजट के साथ मंजूर करवाया। मगर भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस प्रोजेक्ट को लटकाए रखा। उनका कहना है कि यूपीए सरकार में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के निर्माण के लिए बजट के साथ अधिसूचना जारी की गई थी।





भाजपा ने किया स्वीकृत, कांग्रेस ने दो साल लटकाया : अनुराग ठाकुर
हमीरपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का कहना है कि भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज को स्वीकृत किया था। बजट का प्रावधान कर प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास भी किया गया। मगर कांग्रेस की प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को दो साल तक अटकाए रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed