नादौन। उपमंडल नादौन के जलाड़ी गांव निवासी मेजर अंकित ठाकुर को बहादुरी एवं अदम्य साहस के लिए शनिवार को ईस्टर्न कमांड इंवेस्टीचर सेरेमनी के दौरान सेना मेडल मिला है। इससे क्षेत्र भर में खुशी की लहर है। मेजर अंकित ठाकुर असम राइफल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अंकित के पिता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य खुशिंदर सिंह परिहार तथा स्कूल प्रवक्ता माता प्रवीण ठाकुर ने बताया कि उन्हें शनिवार को ही इस संबंध में सूचना मिली है। अरुणाचल में एक बड़े आतंकी को मारने तथा उसके एक ठिकाने से हथियारों के बहुत बड़े जखीरे को बरामद करने पर उनके बेटे अंकित ठाकुर को सेना का यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है।
बहुत दुर्गम स्थल पर किए गए सेना के इस ऑपरेशन को मेजर अंकित लीड कर रहे थे। माता-पिता ने बताया कि अंकित की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर में हुई है। इसके बाद वह एनडीए में चयनित हुए और 2009 में देहरादून अकादमी से पास आउट हुए। 2010 में वह रेजिमेंट इन आर्टिलरी में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन हुए। वह चीन सीमा पर धारचूला, कोलकाता, अमृतसर, जोधपुर, भठिंडा और कश्मीर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान समय में वह अरुणाचल प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अंकित के छोटे भाई शुभम ठाकुर मर्चेंट नेवी में है। लोगों का कहना है कि अदम्य साहस व बहादुरी के लिए अंकित को मिले इस सम्मान से क्षेत्र का गौरव बढ़ा है और युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।