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शाम को 5:00 बजते ही आयुष अस्पताल भवन पर लटक रहा ताला
Sat, 28 Jun 2025 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:55 AM IST
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आयुष अस्पताल बिझड़ी के मुख्य गेट पर लटका ताला। संवाद
सचित्र
बिझड़ी अस्पातल में मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं
अस्पताल में प्रतिदिन 70 के करीब है ओपीडी, समाधान करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर(हमीरपुर)। 52 पंचायतों के केंद्र पर स्थित आयुष अस्पताल बिझड़ी में शाम 5:00 बजते ही ताला लटक रहा है। इससे मरीजों को आयुर्वेद्धिक पद्धति से उपचार करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन 70 के करीब ओपीडी है। प्रतिदिन बुजुर्ग विभिन्न विकारों के उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन रात्रि समय में चिकित्सक की सुविधा न होने से मरीजों को उपचार के बीच घर भेजा जा रहा है। आयुर्वेदिक औषधालय की नई ईमारत का उद्घाटन वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था।
करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस अस्पताल में आधुनिक सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से सुविधाओं का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनरल मेडिसिन के साथ सर्जन विशेषज्ञ की नियुक्ति की है। दोनों विशेषज्ञ दिन के समय अस्पताल में सेवाएं देते हैं और शाम 5:00 बजे कर्मचारी मुख्य गेट पर ताला लगाकर चले जाते हैं।
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ऐसे में उपचार करवा रहे मरीजों को रात के समय घर भेज दिया जाता है और उन्हें उपचार के लिए अगले दिन वापस आना पड़ता है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में पंचकर्मा के लिए अलग से हर तरह की मशीनरी उपलब्ध है, लेकिन अभी तक पंचकर्मा करने के लिए कोई भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में मरीजों को प्राचीन पद्धति से उपचार कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
कोट
अस्पताल में विभाग की ओर से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। मरीजों को दिन में उपचार दिया जा रहा है। पंचकर्मा विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. बृजनंदन, जिला आयुष अधिकारी
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बिझड़ी अस्पातल में मरीजों को नहीं मिल पा रही सुविधाएं
अस्पताल में प्रतिदिन 70 के करीब है ओपीडी, समाधान करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर(हमीरपुर)। 52 पंचायतों के केंद्र पर स्थित आयुष अस्पताल बिझड़ी में शाम 5:00 बजते ही ताला लटक रहा है। इससे मरीजों को आयुर्वेद्धिक पद्धति से उपचार करवाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में प्रतिदिन 70 के करीब ओपीडी है। प्रतिदिन बुजुर्ग विभिन्न विकारों के उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन रात्रि समय में चिकित्सक की सुविधा न होने से मरीजों को उपचार के बीच घर भेजा जा रहा है। आयुर्वेदिक औषधालय की नई ईमारत का उद्घाटन वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था।
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करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए इस अस्पताल में आधुनिक सुविधा उपलब्ध है, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से सुविधाओं का प्रयोग नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनरल मेडिसिन के साथ सर्जन विशेषज्ञ की नियुक्ति की है। दोनों विशेषज्ञ दिन के समय अस्पताल में सेवाएं देते हैं और शाम 5:00 बजे कर्मचारी मुख्य गेट पर ताला लगाकर चले जाते हैं।
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ऐसे में उपचार करवा रहे मरीजों को रात के समय घर भेज दिया जाता है और उन्हें उपचार के लिए अगले दिन वापस आना पड़ता है। इसके अतिरिक्त अस्पताल में पंचकर्मा के लिए अलग से हर तरह की मशीनरी उपलब्ध है, लेकिन अभी तक पंचकर्मा करने के लिए कोई भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में मरीजों को प्राचीन पद्धति से उपचार कराने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
कोट
अस्पताल में विभाग की ओर से दो विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। मरीजों को दिन में उपचार दिया जा रहा है। पंचकर्मा विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. बृजनंदन, जिला आयुष अधिकारी

आयुष अस्पताल बिझड़ी के मुख्य गेट पर लटका ताला। संवाद