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Hamirpur (Himachal) News: नवरात्र, धनतेरस और दिवाली पर ज्वेलर्स की ने कूटी चांदी
Wed, 22 Oct 2025 12:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:12 AM IST
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हमीरपुर। जीएसटी कटौती के बाद नवरात्र, धनतेरस और दिवाली पर्व पर जिले में न केवल ज्वेलर्स की खूब चांदी बिकी, बल्कि बर्तनों की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही। इसके चलते पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अच्छा कारोबार हुआ है।
हालांकि, इस बार ऑनलाइन खरीदारी का सबसे अधिक प्रभाव इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर पड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स के बाजार में पिछले साल के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत अंतर रहा है। वहीं, दिवाली पर जिले में करीब दो करोड़ रुपये के पटाखों की बिक्री होने का अनुमान है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 10 प्रतिशत पटाखे अधिक बिके हैं।
हालांकि, जीएसटी कटौती का पटाखा कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके बावजूद दिवाली पर पटाखों की अधिक बिक्री हुई है। पटाखा विक्रेता राजेश कुमार की मानें तो पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार भी पटाखों की अच्छी बिक्री हुई है। लोगों ने परचून में अधिक पटाखे खरीदे हैं। इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये के पटाखे बिकने का अनुमान है। पिछले वर्ष जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
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पांच करोड़ रुपये का बिका सोना और चांदी
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष विजय हांडा का कहना है कि इस वर्ष त्योहारी सीजन पर करीब पांच करोड़ रुपये का सोना-चांदी बिकने का अनुमान है। इसके अलावा बर्तनों की दुकानदारी भी खूब सजीं। बर्तन विक्रेता राजेश पुरी का कहना है कि जीएसटी कटौती का असर बर्तनों की खरीदारी पर काफी दिखाई दिया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार लोगों ने अधिक खरीदारी की है। इस वर्ष जीएसटी में कमी आने के कारण लोगों ने पीतल, तांबा और कांसे के बर्तनों की खूब खरीदारी की। पिछले वर्ष बर्तनों का कारोबार 1.5 से दो करोड़ रुपये तक था, जबकि इस बार यह ढाई करोड़ से अधिक आंका गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार पिछले वर्ष के मुकाबल हुआ कम
इलेक्ट्रॉनिक्स के बाजार पर ऑनलाइन की मार पड़ी है और इस बार यह 30 प्रतिशत कम आंका गया है। सबसे अधिक मार माेबाइल की बिक्री पर पड़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स सामान विक्रेता संदीप वर्मा की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार पिछले वर्ष के मुकाबओ कम रहा है। पिछले वर्ष जिले में पांच करोड़ रुपये के लगभग व्यापार हुआ था, जबकि इस बार यह तीन करोड़ तक सिमट गया है।
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हालांकि, इस बार ऑनलाइन खरीदारी का सबसे अधिक प्रभाव इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर पड़ा है। इलेक्ट्रॉनिक्स के बाजार में पिछले साल के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत अंतर रहा है। वहीं, दिवाली पर जिले में करीब दो करोड़ रुपये के पटाखों की बिक्री होने का अनुमान है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 10 प्रतिशत पटाखे अधिक बिके हैं।
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हालांकि, जीएसटी कटौती का पटाखा कारोबार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके बावजूद दिवाली पर पटाखों की अधिक बिक्री हुई है। पटाखा विक्रेता राजेश कुमार की मानें तो पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार भी पटाखों की अच्छी बिक्री हुई है। लोगों ने परचून में अधिक पटाखे खरीदे हैं। इस वर्ष करीब दो करोड़ रुपये के पटाखे बिकने का अनुमान है। पिछले वर्ष जिले में करीब 1.5 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।
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पांच करोड़ रुपये का बिका सोना और चांदी
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष विजय हांडा का कहना है कि इस वर्ष त्योहारी सीजन पर करीब पांच करोड़ रुपये का सोना-चांदी बिकने का अनुमान है। इसके अलावा बर्तनों की दुकानदारी भी खूब सजीं। बर्तन विक्रेता राजेश पुरी का कहना है कि जीएसटी कटौती का असर बर्तनों की खरीदारी पर काफी दिखाई दिया। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार लोगों ने अधिक खरीदारी की है। इस वर्ष जीएसटी में कमी आने के कारण लोगों ने पीतल, तांबा और कांसे के बर्तनों की खूब खरीदारी की। पिछले वर्ष बर्तनों का कारोबार 1.5 से दो करोड़ रुपये तक था, जबकि इस बार यह ढाई करोड़ से अधिक आंका गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार पिछले वर्ष के मुकाबल हुआ कम
इलेक्ट्रॉनिक्स के बाजार पर ऑनलाइन की मार पड़ी है और इस बार यह 30 प्रतिशत कम आंका गया है। सबसे अधिक मार माेबाइल की बिक्री पर पड़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स सामान विक्रेता संदीप वर्मा की मानें तो इलेक्ट्रॉनिक्स का बाजार पिछले वर्ष के मुकाबओ कम रहा है। पिछले वर्ष जिले में पांच करोड़ रुपये के लगभग व्यापार हुआ था, जबकि इस बार यह तीन करोड़ तक सिमट गया है।