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Hamirpur (Himachal) News: बाजार में पहुंचा जामुन, 400 रुपये किलो तक पहुंचे दाम
Sat, 20 Jun 2026 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 20 Jun 2026 12:55 AM IST
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हमीरपुर बाजार में फलों की दुकान से जामुन की खरीदारी करते हुए बुजुर्ग खरीदार। संवाद
हमीरपुर। मधुमेह के लिए लाभकारी माने जाने वाले जामुन ने जिले के फल बाजार में दस्तक दे दी है। वर्तमान में जामुन 300 से 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
कीमत अधिक होने के बावजूद इसकी खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्वाद और औषधीय गुणों के कारण जामुन गर्मियों के लोकप्रिय फलों में शामिल है। यह फल वर्ष में केवल लगभग दो माह के लिए ही बाजार में उपलब्ध रहता है।
इसकी आवक जून में शुरू होती है और जुलाई के अंत अथवा अगस्त के शुरुआती दिनों तक बनी रहती है। सीमित अवधि के कारण इसकी मांग अधिक रहती है और सीजन की शुरुआत में दाम भी ऊंचे बने रहते हैं।
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लोग जामुन खाने के बाद इसकी गुठली को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करते हैं, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जामुन में विटामिन-सी, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
आयुर्वेद में भी इसे स्वास्थ्यवर्धक फल माना गया है। विशेष रूप से मधुमेह रोगियों के लिए जामुन और इसके बीजों का चूर्ण लाभकारी माना जाता है। लोगों का कहना है कि सीमित समय के लिए उपलब्ध होने वाला यह फल अपने स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के कारण विशेष महत्व रखता है।
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कीमत अधिक होने के बावजूद इसकी खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। स्वाद और औषधीय गुणों के कारण जामुन गर्मियों के लोकप्रिय फलों में शामिल है। यह फल वर्ष में केवल लगभग दो माह के लिए ही बाजार में उपलब्ध रहता है।
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इसकी आवक जून में शुरू होती है और जुलाई के अंत अथवा अगस्त के शुरुआती दिनों तक बनी रहती है। सीमित अवधि के कारण इसकी मांग अधिक रहती है और सीजन की शुरुआत में दाम भी ऊंचे बने रहते हैं।
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लोग जामुन खाने के बाद इसकी गुठली को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करते हैं, जिसका उपयोग पारंपरिक रूप से औषधीय प्रयोजनों के लिए किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जामुन में विटामिन-सी, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
आयुर्वेद में भी इसे स्वास्थ्यवर्धक फल माना गया है। विशेष रूप से मधुमेह रोगियों के लिए जामुन और इसके बीजों का चूर्ण लाभकारी माना जाता है। लोगों का कहना है कि सीमित समय के लिए उपलब्ध होने वाला यह फल अपने स्वाद और स्वास्थ्य लाभों के कारण विशेष महत्व रखता है।